सड़कों पर खाली दौड़ रही हैं रोडवेज की बसें, 25 फीसदी से अधिक नहीं बढ़ पा रहा लोडफैक्टर
सड़कों पर खाली दौड़ रही हैं रोडवेज की बसें, 25 फीसदी से अधिक नहीं बढ़ पा रहा लोडफैक्टर
उत्तर-प्रदेश

सड़कों पर खाली दौड़ रही हैं रोडवेज की बसें, 25 फीसदी से अधिक नहीं बढ़ पा रहा लोडफैक्टर

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-वीकेण्ड लॉकडाउन के कारण शनिवार और रविवार को घटकर आ जाता है दस फीसदी मीरजापुर, 02 अगस्त (हि.स.)। यात्रियों के अभाव में रोडवेज की बसें सड़कों पर खाली दौड़ रही हैं। अथिकांश बसों की सीट खाली रह जा रही हैं। रोडवेज के एआरएम की मानें तो मात्र 25 फीसदी लोडफैक्टर है। वहीं शनिवार और रविवार को बंदी के चलते इन दो दिनों में लोडफैक्टर घटकर दस फीसदी आ जाता है। बीते दो माह से रोडवेज को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। यदि यहीं स्थिति रही तो बसों के रख-रखाव के लिए भी शासन से धन मंगवाना पड़ेगा। अनलॉक-2 में बसों का संचालन शुरू करा दिए जाने के बावजूद रोडवेज को अपेक्षित आय नहीं हो पा रही है। कोरोना संक्रमण से भयभीत लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। खासकर ग्रामीण इलाके के लोग तभी घर से बाहर यात्रा के लिए निकल रहे हैं जब उनका कोई खास कार्य जरूरी हो। यहीं वजह है कि रोडवेज की अधिकांश बसें खाली दौड़ रही है। स्थानीय डिपो से विभिन्न मार्गों पर 60 बसों का संचालन किया जाता है। रोडवेज का सबसे अधिक कमाई वाला मार्ग सोनभद्र और वाराणसी है। इन दोनों मार्गों पर संचालित बसों में भी अपेक्षित यात्री नहीं जुट पा रहे है। इन दिनों पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन ठप होने के कारण प्रयागराज मार्ग भी कमाई के लिहाज से बेहतर हो गया है पर इस मार्ग पर संचालित बसों को भी अपेक्षित यात्री नहीं मिल पा रहे है। रोडवेज के एआरएम हरीशंकर पाण्डेय की मानें तो बसों का लोड फैक्टर बीते दो माह से 25 फीसदी पर टिका हुआ है। वहीं शनिवार और रविवार को यह घटकर दस फीसदी पर आ जाता है। कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों में इतना भय है कि वे घरों से बाहर ही नहीं निकल रहे है। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/उपेन्द्र-hindusthansamachar.in