स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक - सत्येन्द्र
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक - सत्येन्द्र
उत्तर-प्रदेश

स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक - सत्येन्द्र

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- पायलट प्रोजेक्ट के तहत 11 गांवों का हुआ चयन जालौन, 23 जुलाई (हि.स.)। ग्रामीण इलाकों में आवासीय मकानों व जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए केंद्रीय पंचायत राज्य मंत्रालय ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के 37 जिलों में इसकी शुरुआत की गई है। इसमें जिले को भी शामिल किया गया है। इस योजना के तहत जिले उरई व जालौन तहसील के 11 गांवों का चयन किया गया है। सर्वेक्षण व राजस्व विभाग की टीमें चयनित गांवों में जाकर आवासीय जमीनों का ड्रोन कैमरे की मदद से मैप तैयार करने में जुटीं हुईं हैं। एसडीएम सदर सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत उरई तहसील के पांच गांव भिटारा, सेई, सिवड़ी, टिकरिया, पचोखरा व जालौन तहसील के 6 गांव सुढार सलाबाद, तांबा, पमा, लहरउवा, सोनई परवई को शामिल किया गया है। इस योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को आवासीय जमीन की संपत्ति का मालिकाना अधिकार मिल सकेगा। साथ ही आवासीय जमीन के विवाद को निपटाने में भी प्रशासन को मदद मिलेगी। आवासीय जमीन का लेखा जोखा न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रो में जमीन को लेकर आए दिन विवाद होते रहते हैं। इस योजना से खतौनी की तर्ज पर घरौनी तैयार की जा रही है। जिससे इन विवादों पर लगाम लगेगी। उन्होंने बताया कि भारतीय सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों व राजस्व के अधिकारियों की मौजूदगी में नक्शा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद राजस्व कर्मचारी गांव में जाकर नक्शे को कस्बे के आधार पर दर्ज करेंगे। इससे सम्पत्ति मालिक को स्वामित्व का अधिकार मिल जाएगा। जिस प्रकार खेतों की खतौनी का इस्तेमाल होता है, उसी तरह ग्रामीण कस्बों में यह मैप तैयार होने के बाद घरोनी का नाम दिया जाएगा। इससे ग्रामीण जमानत भी लगा सकेंगे। इस योजना से ग्रामीण लोन की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। वहीं ग्राम सभाओं को राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से टैक्स वसूलने में आसानी होगी। सभी ग्राम पंचायतों का हो सकता है चयन उपजिलाधिकारी सदर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि अभी जिले के 11 गांव का सर्वेक्षण किया जा रहा है। भरतीय सर्वेक्षण विभाग व राजस्व की टीमें ड्रोन कैमरे की मदद से इस कार्य को पूरा करने में जुटीं हुईं हैं। तीन सितम्बर तक सर्वेक्षण व मापन का कार्य पूरा कर शाशन को रिपोर्ट भेजनी है। इसके बाद दो अक्टूबर को जिले की 575 ग्राम पंचायतों का चयन हो सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/मोहित-hindusthansamachar.in