स्कूलों की फीस माफी के लिए सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
स्कूलों की फीस माफी के लिए सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
उत्तर-प्रदेश

स्कूलों की फीस माफी के लिए सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

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मेरठ, 27 जुलाई (हि.स.)। ’स्कूल नहीं तो फीस नहीं’ का नारा देते हुए समाजवादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी गेट पर जमकर हंगामा किया। जबकि कांग्रेस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मेरठ काॅलेज के गेट पर प्रदर्शन करके छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षाओं में प्रोन्नत करने की मांग की। वरिष्ठ सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में सोमवार को सपा कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी पर धरना देते हुए जमकर हंगामा किया। अतुल प्रधान ने ’स्कूल नहीं तो फीस नहीं’ अभियान को गांव और गली-मोहल्लों तक चलाने की चेतावनी दी है। बताते चलें कि लॉकडाउन की अवधि में स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके चलते अब अभिभावकों के समर्थन में सपा भी मैदान में उतर गई है। सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसान, गरीब और छात्र विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी सरकार अपने वादों से मुकर गई है। जिसके चलते गरीब व्यक्तियों पर लॉकडाउन के समय में स्कूल बंद होने के बावजूद भी स्कूलों की फीस भरने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार स्कूल की फीस माफ नहीं करेगी तब तक सपा का आंदोलन जारी रहेगा। इतना ही नहीं इस आंदोलन को हरगांव और गली-मौहल्ले तक पहुंचाकर सपा कार्यकर्ता स्कूलों की फीस के लिए संचालकों द्वारा की जा रही मनमानी का विरोध करेंगे। उधर मेरठ कॉलेज के शताब्दी द्वार पर एनएसयूआई के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रोहित राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। उन्होंने सभी वर्षों के छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट करने के लिए एवं छह माह का शुल्क माफ करने की मांग की। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अवनीश काजला भी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। अवनीश काजला ने कहा सरकार छात्रों के जीवन के साथ खेल रही है, ऐसे समय पर जब कोरोना वायरस लगातार प्रदेश में बढ़ रहा है। ऐसी हालत में किसी भी वर्ष के छात्र की परीक्षा कराना संभव नहीं है। परीक्षा कराकर छात्रों व शिक्षकों की जान को जोखिम में डालने की तैयारी है। सरकार को जल्द से जल्द छात्र हित में निर्णय लेना चाहिए। एनएसयूआई नेता रोहित राणा ने कहा छात्रों की आवाज को एनएसयूआई किसी भी कीमत पर दबने नहीं देगी। सरकार को छात्रों का जीवन और भविष्य दोनों देखने चाहिए। छात्रों के साथ भेदभाव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई पूरे प्रदेश में छात्र हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। इस मौके पर प्रदेश सचिव सूर्यांश तोमर, जिलाध्यक्ष नितीश भारद्वाज, हर्ष ढाका, प्रशांत चैधरी, राकेश कुशवाहा, आमिर तोमर, अमित भारद्वाज, हिमांशु पंडित, अमन पंडित, हर्ष त्यागी, रितिक यादव, कपिल जैन, ऋषभ पंडित, राहुल बैंसला, पीयूष चैहान, दीपू तोमर, अर्पित तोमर आदि मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप-hindusthansamachar.in