सुई के छेद से ऊंट निकालना चाहते हैं ऊर्जा राज्यमंत्री
सुई के छेद से ऊंट निकालना चाहते हैं ऊर्जा राज्यमंत्री
उत्तर-प्रदेश

सुई के छेद से ऊंट निकालना चाहते हैं ऊर्जा राज्यमंत्री

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मीरजापुर, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वजीरे आलम चाहे लाख ढिढोरा पीट ले अपने बिजली विभाग को चुस्त-दुरूस्त होने का, किंतु उनके दावे को खोखला साबित कर रहे हैं उनके उर्जा राज्यमत्री रमाशंकर सिंह पटेल और उनका मीरजापुर का विद्युत विभाग। विद्युत मंत्री अपने अदूरदर्शी नजरिए और शायद दिवालिया हो चुके मीरजापुर के विद्युत विभाग की अकर्मण्यता के चलते भले ही सुई के छेंद से ऊंट निकालने का प्रयास कर रहे हों पर उनका यह कृत्य जनजीवन को खतरे में डालने वाला है। अब सुनिए ऊर्जा राज्यमंत्री के करतूतों की कहानी, जनता की जुबानी। जनपद के जमालपुर थाना क्षेत्र के शेरवां पुलिस चौकी अंतर्गत एक गांव है ‘जलालपुर’। इस गांव में बेहयायी व लापरवाही की सारी हदें पार करते हुए मीरजापुर के विद्युत विभाग ने बांस के पोल के सहारे व पोल पर बांस के टुकड़े को ही क्रास आर्म का रूप देकर उस पर से 11 हजार वोल्टेज की हाईटेंशन लाइन खीचीं है। थोड़ी सी भी हवा चलने पर अगल-बगल के ग्रामीण अपने-अपने घरों से निकलकर काफी दूर भागकर हवा बंद होने का इंतजार करतेेे हैं कि कहीं मौत का यह पोल परिवार के लोगों को असमय सुला न दे। जरा सोचिए, जहां एक ओर इतने बड़े आंधी-पानी व तूफान में सीमेंट के मजबूत पोल भी जड़ से टूटकर दुर्घटना को दावत देने लगते हैं तो भला बांस के पोल और बांस की क्या विसात है ? ग्रामीणों के अनुसार गांव के जनजीवन को बिजली विभाग ने यदि खतरे में डाला है तो इसके पीछे मंशा उर्जा राज्यमंत्री की है। क्योंकि वे आज तक गवई राजनीति से उबर नहीं पाए। ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि विद्युत विभाग सीमेंट का पोल लगाना चाहता था किंतु मंत्रीजी क्षेत्रीय ईष्या द्वेश के चलते नहीं लगाने दिया। मंत्रीजी की आबोहवा और शोहरतेआम समाचार कवरेज के दौरान उक्त बांस के पोल और उस पर गुजर रही हाईटेंशन की लाइन का फोटो खींचते समय जलालपुर गांव में देखने कोे मिली, जब ग्रामीण एकजुट होकर मंत्री को कोसते मिले कि बिजली के भाग्य से सिकहर टूट गया और मोदीजी के नाम पर अधिकांश अणुआ-ढबेर, जिन्हें कोई जानता तक नहीं था, वे भी गेहूं के साथ मोथें की तरह पानी पा गए और मंत्री बन गए। कमोवेश यही स्थिति पूरे प्रदेश की होगी, ऐसी संभावना है। क्योंकि खुद मीरजापुर की सांसद व अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद में प्रश्न उठाकर बताया कि मीरजापुर जनपद की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त और चरमरा गई है। अनुप्रिया पटेल ने भले ही अपने ही सरकार के मंत्री पर सीधे दोषारोपण नहीं किया किंतु यही सच है कि मीरजापुर में बिजली व्यवस्था नष्ट और भ्रष्ट होने के पीछे यहां के निवासी ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल हैं। इस बात का उलाहना जनपद के हर कोने से आ रहा है। बहरहाल मंत्री के प्रति ग्रामीणों का जो भी भाव हो किंतु इतना अवश्य है कि ऊर्जा राज्यमंत्री अपने पद के गुरूर में डूबे रहते हैं और जनता की फरियाद सुनने को कौन कहे, उन गरीबों से वे सीधे मुंह बात भी करना पसंद नहीं करते। यहां तक कि उक्त समाचार में उनका भी पक्ष जानने और फोन पर उनसे बात करने का लगभग एक सप्ताह लगातार प्रयास किया गया किंतु वे खबरनवीश से बात करने का आश्वासन देकर बात करने को तैयार नहीं हुए। इस संबंध में उनके लिए ग्रामीणों का मात्र एक ही शब्द कहना है कि अगले चुनाव में जनता उन्हें पैदल कर देगी। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in