संतान के दीर्घ जीवन के लिए महिलाओं ने रखा निराजल जीवित्पुत्रिका व्रत
संतान के दीर्घ जीवन के लिए महिलाओं ने रखा निराजल जीवित्पुत्रिका व्रत
उत्तर-प्रदेश

संतान के दीर्घ जीवन के लिए महिलाओं ने रखा निराजल जीवित्पुत्रिका व्रत

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समूह में सुनी भगवान जिउतवाहन की कथा, ईश्वरगंगी तालाब पर उमड़ी भीड़ वाराणसी,10 सितम्बर (हि.स.)। संतान के दीर्घ जीवन के लिए महिलाओं ने गुरूवार को निराजल जीवित्पुत्रिका का कठिन व्रत रखा। दोपहर बाद व्रती महिलाएं ईश्वरगंगी पोखरा, शंकुलधारा पोखरा सहित अपने आसपास स्थित पोखर पर परिजनों के साथ जुटी। महिलाओं ने भगवान जिउतवाहन की विधि-विधान से पूजा के बाद उनकी कथा भी सुनी। इसी के साथ ही लक्ष्मी कुंड पर महालक्ष्मी मंदिर में लगने वाला सोरहिया मेले का समापन भी हो गया। व्रती महिलाओं ने कोरोना काल में बंद मंदिर के चौखट पर मत्था टेक परिवार में सुख शान्ति और वंश वेल की वृद्धि के लिए माता से गुहार लगाई। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताओं ने व्रत रहकर श्रद्धा के साथ पूजा पाठ की। पिंडरा,कपसेठी,रोहनिया,राजातालाब,सेवापुरी,मंड़ौली,कंदवा,मंड़ुवाडीह,नियार,हाजीपुर, अजगरा में धूमधाम से पर्व मना। लोहता के सुरही, बनकट, कोरौताबाजार, बखरिया, केराकतपुर में मंदिर और तालाबों पर महिलाओं ने भगवान जिमूतवाहन की कथा सुनी और पूजा पाठ किया। इसके पहले व्रती महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत का संकल्प लिया। बुधवार देर शाम संतान के दीर्घ जीवन के लिए महिलाओं ने सतपुतिया निगल कर व्रत की शुरुआत की। दूसरे दिन स्नान ध्यान कर दोपहर बाद महिलाएं परिजनों के साथ फल और गन्ने के साथ तालाब पोखरों पर समूह में गाते बजाते पहुंचीं और विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इसके बाद मन्नतों के धागों को पुत्र और परिजनों के गले में पहनाया। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/राजेश-hindusthansamachar.in