संगीत विद्या के लिए शक्ति सर्वाधिक वांछनीय : डॉ. जौहरी
संगीत विद्या के लिए शक्ति सर्वाधिक वांछनीय : डॉ. जौहरी
उत्तर-प्रदेश

संगीत विद्या के लिए शक्ति सर्वाधिक वांछनीय : डॉ. जौहरी

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नौ दिवसीय ‘शक्ति आराधना पर्व’ का शुभारम्भ प्रयागराज, 18 अक्टूबर (हि.स.)। इस सृष्टि में जो भी अनुकरणीय, अनुसरणीय, उपलब्धियां, महानताएं, चमत्कार, अद्भुतताओं के उदाहरण देखने को मिलते हैं वह सब शक्ति साधना के ही परिणाम होते हैं। शक्तिशाली व्यक्ति ही साधना कर पाते हैं व साधना से ही सिद्धि मिलती है। संगीत जैसी अलौकिक, अमूर्त विद्या के लिए तो शक्ति सर्वाधिक वांछनीय है। उक्त विचार ’शक्ति आराधना पर्व’ की नौ दिवसीय विशाल संगीत समारोह की संयोजिका डॉ. रेनू जौहरी ने पद्मभूषण पं. सामता प्रसाद ट्रस्ट ऑफ तबला प्रयागराज के तत्वावधान में पं. गुदई महाराज की 101वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य का शुभारम्भ करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पद्मभूषण पं. सामता प्रसाद ने श्रद्धा, विश्वासपूर्वक साधना द्वारा शक्ति को प्रसन्न किया था। प्रतीत होता है कि माँ काली स्वयं उनकी प्रस्तुतियों में उपस्थित रहती थीं। यह नौ दिन बहुत पवित्र व शक्ति उपार्जन के दिन हैं। साधना का राजमार्ग सभी के लिए खुला है हमें अपने मनों को महाराज के उदाहरण से प्रेरणा लेते हुए साधना में प्रवृत होना है एवं मां की कृपा प्राप्त करनी है। इस अवसर पर पार्थ सारथी मुखर्जी की शिष्या भिलाई की पूनम सरपे की तबला वादन की प्रस्तुति हुई। अपने तीन ताल के अन्तर्गत उठान, पेशकार, कायदा, बाँट, रेला, गत, फर्द, टुकड़े, परन, चक्करदार इत्यादि की प्रस्तुति कर श्रोताओं का मन मोह लिया। तत्पश्चात् स्व. पं. समरेश चौधरी की शिष्या कोलकाता की यग्न्यासेनी मजूमदार मित्रा ने राग शुद्ध कल्याण में बड़ा ख्याल व छोटा ख्याल का गायन प्रस्तुत किया। चण्डीगढ़ की प्रो. पंकज माला शर्मा ने अपने वैदिक वाङमय में वर्णित देवी सूक्त की विशद् एवं सारगर्भित व्याख्या की। उन्होंने बताया वैदिक काल से ही शक्ति आराध्य है। वह अपने भक्तों को प्रचण्ड बनाती है, ऋषि बनाती है, प्रज्ञावान बनाती है तथा समृद्धि प्रदान करती हैं। इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष शकुन्तला जौहरी, संरक्षिका डॉ. शशि भारद्वाज, प्रो.कृष्ण चक्रवर्ती पर्यवेक्षक, डॉ.संध्या अग्रवाल, डॉ.अंकिता चतुर्वेदी, डॉ.प्रियंका मिश्रा, डॉ.कुहू मालवीय, नागेन्द्र मिश्र, अभिनव मिश्र, कविता मिश्रा आदि उपस्थित थे। एकता गुप्ता, रेखा सेन, ऊर्जा श्रीवास्तव, स्फूर्ति श्रीवास्तव, अंतस प्रकाश ने सक्रिय योगदान दिया। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/संजय-hindusthansamachar.in