शिकायतकर्ता का बयान लिए बगैर जांच पूरी, आरोपितों को बचाने में जुटा प्रशासन
शिकायतकर्ता का बयान लिए बगैर जांच पूरी, आरोपितों को बचाने में जुटा प्रशासन
उत्तर-प्रदेश

शिकायतकर्ता का बयान लिए बगैर जांच पूरी, आरोपितों को बचाने में जुटा प्रशासन

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बलिया के एडीएम का आरोप, भ्रष्ट कर्मियों को बचा रहे एसडीएम मीरजापुर, 27 जुलाई (हि.स.)। मां के नाम बैनामा कराए गए भूमि पर कब्जा पाने के लिए पीसीएस संघ की मदद लेने वाले बलिया के एडीएम प्रवलशील बरनवाल का बयान लिए बगैर ही एसडीएम सदर ने रविवार की शाम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। इस बात की जानकारी जब एडीएम बलिया को हुई तो उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर भ्रष्ट कर्मचारियों को बचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें राजनरायन शुक्ल का जिक्र ही नहीं किया गया है। रिपोर्ट में केवल राजनरायन लिखा गया है। वह कहां के निवासी है और उनकी पत्नी कौन है, यह भी नहीं बताया गया है। इस मामले की जांच करते समय एसडीएम को शिकायतकर्ता की भी सुनना चाहिए था, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। फिलहाल इस मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा। गरीबों और दबे कुचले लोगों को न्याय दिलाने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार के शासन में उसके अधिकारी ही खुद की जमीन पर कब्जा पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बलिया के एडीएम प्रवलशील बनरवाल की मां कृष्णा बरनवाल ने 1989 में भरूहना इलाके में राजनरायन शुक्ल पुत्र गिरजा शंकर से जमीन का बैनामा कराया था। तहसील प्रशासन की लापरवाही से यह भूमि कृष्णा बरनवाल को हस्तांतरित ही नहीं हो पायी। यह मामला अब न्यायालय में लंबित है। रविवार को जब पीसीएस संघ के अध्यक्ष व बलिया के डीएम ने मिर्जापुर के डीएम सुशील कुमार पटेल को इस सम्बंध में पत्र लिखा तो डीएम ने एसडीएम को जांच करने का निर्देश दे दिए। एसडीएम सदर आनन-फानन में शाम को जांच रिपोर्ट भी डीएम को सौंप दी। इसकी जानकारी जब एडीएम बलिया को हुई तो उन्होंने सोमवार को टेलीफोन कर बताया कि इस मामले को शीघ्र ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस और तहसील प्रशासन आरोपितों को बचाने में जुटी हुई है। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in