शासनादेश आने तक बुनकर मुर्री बंद कर हड़ताल करेंगे, फ्लैट रेट से बिजली देने की मांग
शासनादेश आने तक बुनकर मुर्री बंद कर हड़ताल करेंगे, फ्लैट रेट से बिजली देने की मांग
उत्तर-प्रदेश

शासनादेश आने तक बुनकर मुर्री बंद कर हड़ताल करेंगे, फ्लैट रेट से बिजली देने की मांग

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वाराणसी,16 अक्टूबर (हि.स.)। फ्लैट रेट पर बिजली देने की मांग को लेकर बुनकर अब आरपार की लड़ाई के मूड में है। बुनकरों ने दो टूक कहा कि अब सभी तय मुद्दों पर शासनादेश आने तक हड़ताल जारी रखेंगे। अनिश्चित कालीन हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को बुनकरों का प्रतिनिधि मंडल पूर्वांचल विद्युत वितरण मंडल के प्रबंध निदेशक से मिलने उनके कार्यालय भिखारीपुर पहुंचा। प्रबंध निदेशक से मुलाकात न होने पर बुनकर संघ के पदाधिकारी लौट आये। पदाधिकारियोें ने कहा कि सबका बिल जीरो कैसे होगा, इस पर संशय बना हुआ है। पूर्व में वार्ता में तय पाए न्यायोचित वृद्धि के साथ फ्लैट रेट जारी करने का आदेश जारी नही होगा तक तक आंदोलन जारी रहेगा। इस निर्णय पर उत्तर प्रदेश बुनकर सभा और विभिन्न बुनकर संगठनों और सरदार महतो भी रजामंद हुए। वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के अध्यक्ष राकेशकान्त राय ने बताया कि तीन सितंबर की वार्ता में अन्य बातों के साथ ही तय हुआ था कि यूनिट आधारित मूल्य के बजाय फ्लैट रेट में उचित बढ़ोतरी के साथ बुनकर संगठनों से विचार विमर्श के बाद 15 दिन में नया प्रस्ताव बनाकर आदेश जारी कर दिया जाएगा। लेकिन डेढ़ महीने बाद भी इस दिशा में कोई आदेश जारी न होने से बुनकरों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि बिजली दर बढ़ेगी लेकिन अंतिम निर्णय न आने से बुनकर अपनी साड़ियों की सही लागत का निर्धारण नही कर पाये। इसलिए ढाई महीने से नुकसान में चल रहे हैं और पुराने रेट से ही माल बेचने पर मजबूर हैं। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सरकार और बुनकर संगठनों से तीन सितंबर की वार्ता में तय मुद्दों पर आदेश न जारी करने के कारण शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने 2006 से चली आ रही व्यवस्था को दिसंबर 2019 के बजाय जुलाई 2020 तक बढ़ाने का शासनादेश तो जारी कर दिया। लेकिन बुनकरों के बिल के त्रुटिपूर्ण बकाये को समाप्त करने, बुनकरों पर किये गए मुक़दमें वापस लेने और यूनिट आधारित मूल्य के बजाय न्यायोचित बढ़ोतरी के साथ फ्लैट रेट को ही जारी रखने पर हुई सहमति से संबंधित कोई आदेश जारी नही किया गया। प्रबंध निदेशक से मिलने गये प्रतिनिधि मंडल में सैय्यद हसन, हाजी ओकास अंसारी, स्वालेह अंसारी, रमजान अली, मौलाना अब्दुल अजीज, हाजी वक़ार, हाजी रिजवान, ज़ीशान और शैलेष सिंह आदि शामिल रहे। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर-hindusthansamachar.in