शहीद की स्मारक परिजनों ने निजी खर्चे पर बनाई, सरकार 20 साल में भी कर सकी वायदे पूरे
शहीद की स्मारक परिजनों ने निजी खर्चे पर बनाई, सरकार 20 साल में भी कर सकी वायदे पूरे
उत्तर-प्रदेश

शहीद की स्मारक परिजनों ने निजी खर्चे पर बनाई, सरकार 20 साल में भी कर सकी वायदे पूरे

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मथुरा, 24 जुलाई(हि.स.)। पिछले 20 साल से शहीद के परिवार सरकार द्वारा किए वायदे पूरा करने का इंतजार करते करते थककर उन्होंने स्वयं ही शहीद के स्मारक का निर्माण अपने निजी खर्चे से कराया है। 13 अप्रैल 2020 को जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सीआई रक्षक के दौरान कई आंतकवादियों को मारकर शहीद हुए रामवीर सिंह पुत्र सरदार सिंह निवासी ग्राम पंचायत नैनूपट्टी के नगला सैंदा गांव थाना गोवर्धन के परिजनों से प्रदेश और केन्द्र सरकार ने कई वायदे पूरे करने का आश्वासन जरूर दिया लेकिन न तो गांव में विकास ही हुआ। शुक्रवार को शहीद रामवीर सिंह की पत्नी सुनीता देवी, मां सरोज देवी और पिता सरदार सिंह से इस बारे में बात की गई तो उनकी आखें भर आईं। पिता ने बताया कि मेरा बेटा जब शहीद हुआ था तो जनप्रतिनिधि व प्रशासन ने कई वायदे किए थे। मैंने बेटे की शहादत की याद में गांव में स्मारक निजी खर्चे से बनवाया है। शहीद के परिवारों की कोई सुनने वाला नहीं है। वीरनारी सुनीता देवी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने गांव के विकास को लेकर तमाम बातें की थी, लेकिन 20 साल बाद भी पहले जैसे हालात हैं। शहीद रामवीर सिंह के पुत्र धर्मेद्र सिंह 2019 में सेना में भर्ती हुआ है। धर्मेद्र ने बताया कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने सेना में रहकर देश की सेवा की है। वो अपने शहीद पिता का समय आने पर बदला अवश्य लेंगे। शहीद के पिता सरदार सिंह और भाई नारायण सिंह, भगवान सिंह ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की है। गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह ने कहा कि कोरोना काल खत्म होते हुए मैं गांव सैंदा पहुंच कर शहीद परिवार से मिलूंगा। हर प्रकार की मदद की जाएगी। सरकार की ओेर से भी शहीद पजिनों को मदद दिलाएंगे। शहीद के नाम पर विकास कार्य कराए जाएंगे। हिन्दुस्थान समाचार/महेश /मोहित-hindusthansamachar.in