व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में दूसरे की शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग से कोर्ट का इन्कार
व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में दूसरे की शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग से कोर्ट का इन्कार
उत्तर-प्रदेश

व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में दूसरे की शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग से कोर्ट का इन्कार

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प्रयागराज, 07 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ दूरी पर स्थित दूसरे को आवंटित दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के चलते शराब की एक दुकान होने से भीड़ इकट्ठा हो सकती है। एक ही एरिया में अधिक दुकानें होने से भीड़ इकट्ठा नहीं होगी। दुलियागंज आगरा में याची की दुकान से 10 मीटर की दूरी पर दूसरी शराब की दुकान खोलने को चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ ने सतेन्द्र सिंह की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि वह शराब का दूकानदार है। उसकी दुकान से कुछ दूरी पर दूसरे को दुकान आवंटित की गयी है। जिससे उसका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। आबकारी नीति के खिलाफ याची का आधा कोटा विपक्षी को दे दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि कोविड 19 के प्रकोप के कारण सोसल डिस्टेन्सिंग का पालन करने के लिए एक स्थान पर भीड़ इकट्ठा न हो, अधिक दुकान होना गाइडलाइन के अनुसार है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/दीपक-hindusthansamachar.in