विद्युत व राजस्व वसूली में हमीरपुर तीसरे पायदान पर, डीएम होंगे सम्मानित
विद्युत व राजस्व वसूली में हमीरपुर तीसरे पायदान पर, डीएम होंगे सम्मानित
उत्तर-प्रदेश

विद्युत व राजस्व वसूली में हमीरपुर तीसरे पायदान पर, डीएम होंगे सम्मानित

news

मुख्य सचिव डीएम को देंगे कांस्य प्रशस्त पत्र व पचास हजार रुपये का पुरस्कार हमीरपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। विद्युत विभाग एवं राजस्व की अधिकतम वसूली में हमीरपुर जनपद प्रदेश के तीसरे पायदान पर आने से अधिकारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को कांस्य प्रशस्त पत्र व पचास हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उक्त जानकारी देते हुये बताया कि विद्युत विभाग की कर वसूली बहुत बेहतर है। साथ ही राजस्व वसूली में जनपद ने रिकार्ड बनाया है। इसीलिये जनपद प्रदेश के तीसरे स्थान पर है। बताया कि इस उपलब्धि पर उन्हें सम्मानित किया जायेगा। आयोजित समीक्षा बैठक से सूचना के बाद जिला आबकारी अधिकारी नदारद पाये गये। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए उनकी पगार रोकने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा वसूली में प्रगति बढ़ाई जाए तथा कैंप लगाकर जीएसटी में अधिक से अधिक लोगों का पंजीयन कराया जाए। एआरटीओ विभाग द्वारा ओवरलोड, डग्गामार वाहनों पर लगातार प्रवर्तनीय कार्रवाई की जाए। कहा कि विभिन्न प्रकार की वसूली के अंतर्गत कोर्ट में केवल वाद दायर करने के आधार पर आरसी वापस न की जाए। अब तक वापस की गई आरसी का किस आधार पर वापसी की गई, इसका परीक्षण किया जाए। डीएम ने कहा कोई भी ईट भट्ठा बिना रॉयल्टी जमा किए नहीं चलना चाहिए। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा जनपद की अधिकृत आरा मशीनों की सूची दी जाए। अब तक अवैध आरा मशीनों पर क्या कार्यवाही की गई है, इसको अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा कटियाबाजों पर कारवाई की जाए तथा विद्युत की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा से पीड़ितों को 48 घंटे के अंदर राहत प्रदान की जाए। कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के कोई भी प्रकरण शेष नहीं रहना चाहिए, सभी तहसीलदारों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाय। मानव संपदा पोर्टल पर कर्मियों का शत प्रतिशत डाटा फीड कराया जाए। तालाबों से अतिक्रमण हटाने का नियमित रूप से अभियान चलाया जाए। जिन कृषकों द्वारा पिछली बार पराली जलाई गई है इस बार जलाने पर उन पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा तथा एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, जोइंट मजिस्ट्रेट-एसडीएम सदर, एसडीएम मौदहा, राठ व सरीला, उपायुक्त वाणिज्य कर तथा अन्य सम्बंधित मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in