विद्युत विभाग के 3432 लाख रुपये दबाए बैठे हैं 28 सरकारी विभाग
विद्युत विभाग के 3432 लाख रुपये दबाए बैठे हैं 28 सरकारी विभाग
उत्तर-प्रदेश

विद्युत विभाग के 3432 लाख रुपये दबाए बैठे हैं 28 सरकारी विभाग

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बेसिक शिक्षा विभाग सबसे बड़ा बकायेदार, दूसरे नंबर पर एलोपैथिक चिकित्सा हमीरपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। विद्युत विभाग आम उपभोक्ताओं से तो अभियान चलाकर बकाया बिल वसूल लेता है। लेकिन सरकारी महकमों पर रहम किए है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में 28 विभागों पर तीन हजार चार सौ बत्तीस लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है। बेसिक शिक्षा विभाग पर सबसे ज्यादा बकाएदारी एक हजार 398 लाख रुपये है। मालूम हो कि अभी कुछ दिनों पहले निर्धन वर्ग के उपभोक्ताओं के सैकड़ों कनेक्शन बिल न जमा होने पर काटे जा चुके हैं। पावर कारपोरेशन इनदिनों बकाएदार उपभोक्ताओं को उनके बिलों में संशोधन कर धन जमा कराने के लिए सबस्टेशनों पर कैंप का आयोजन कर रहा है। इसमें कारपोरेशन के पास अच्छा खासा धन भी आ रहा है। वहीं बड़े बकाएदारों के साथ किसानों से उनके निजी नलकूपों की बकाएदारी वसूले जाने को कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इतना सबकुछ होने के बाद बिजली विभाग 28 सरकारी कार्यालयों से बकाये का तीन हजार चार सौ बत्तीस लाख रुपये नहीं वसूल पा रहा है। इसके बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी आज तक न तो उनके कनेक्शन काट रहा और न ही उनके कार्यालय जाकर बिल जमा करने की चेतावनी जार कर सका है। शिक्षा विभाग बिजली बकाएदारों की श्रेणी में सबसे ऊपर है। बावजूद इसके आज तक बिजली विभाग ने कार्रवाई नहीं की है। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड सुमित व्यास ने शुक्रवार को बताया कि सरकारी विभागों को बकाएदारी जमा करने के लिए बिल भेजे गए हैं। संबंधित विभागों से बिल भुगतान के लिए कहा गया है। कहा कि जल्द ही भुगतान की संभावना है। मार्च 2020 तक ये विभाग है बिजली बकायेदार कृषि 20.53 लाख, खंडविकास अधिकारी 25.68 लाख, पशु चिकित्सालय 20.71 लाख, सहकारिता समिति 12.48 लाख, खेल विभाग 1.69 लाख, जिला कारागार 11.76 लाख रुपये बकाया है। इसी प्रकार पुलिस विभाग से 183.38 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा से 1327.63 लाख, सार्वजनिक स्वास्थ्य से 82.15 लाख, स्थानीय निकाय से 12.98 लाख, न्याय से 86.78 लाख, परिवहन से 0.74 लाख, प्राविधिक शिक्षा से 0.55 लाख की बकाएदारी है। जिला प्रशासन 26.44 लाख, संचार साधन सड़कें 20.38 लाख, वन विभाग 58.70 लाख, कोषागार तथा लेखा प्रशासन पर 1.25 लाख, प्राथमिक शिक्षा 1372.42, माध्यमिक शिक्षा 9.72, उच्च शिक्षा 16.71, समाज कल्याण एवं अनुसूचित 24.47, बिक्री कर 0.87, उद्यान विभाग 29.17, सिंचाई (निर्माण कार्य) 13.56, सिंचाई (अधिष्ठान) 9.66, मंडी समिति 41.94, अन्य विभाग 20.21 लाख वसूलने हैं। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश-hindusthansamachar.in