वाराणसी: आश्विन माह में झूम के बरसे बादल, ताल तलैया बना शहर
वाराणसी: आश्विन माह में झूम के बरसे बादल, ताल तलैया बना शहर
उत्तर-प्रदेश

वाराणसी: आश्विन माह में झूम के बरसे बादल, ताल तलैया बना शहर

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-धान के फसल के लिए बारिश संजीवनी, गंगा घाटों पर घूमने पहुंचे लोग वाराणसी, 15 सितम्बर (हि.स.)। आश्विन माह (क्वार) के आखिरी दौर में मंगलवार को गरज चमक के बीच बादल झूम कर बरसे। लगभग आधे घंटे की जोरदार बरसात में शहर की गलियां और सड़कें ताल तलैया बन गई। जो जहां था, वहीं ठहर गया। आसमानी बिजली की कड़कड़ाहट के बीच लोग बारिश में सुरक्षित स्थान खोजते रहे। बारिश थमने पर लोगों को सड़कों और गलियों में जलभराव में होकर गुजरना पड़ा। जलभराव के कारण कई जगहों पर जाम से भी लोग हलकान रहे। वहीं, बारिश से ग्रामीण अंचल में किसान काफी खुश दिखे। सूख रहे धान के फसल के लिए बारिश संजीवनी का काम कर गई। बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को उमस और पसीना से राहत भी मिली। दोपहर में उमस के बाद अपराह्न में बादलों ने आसमान में डेरा डालना शुरू कर दिया। अपराह्न तीन बजे के बाद काले बादलों के चलते रात जैसा नजारा हो गया। इसके बाद बादलों की गरज चमक के बीच बुंदाबांदी शुरू हुई। जो कुछ ही देर में जोरदार बारिश में बदल गई। इस दौरान लगातार बादलों की कड़कड़ाहट बनी रही। जोरदार बारिश और जलभराव में युवाओं के साथ बच्चों ने भी मस्ती की। गंगा घाटों पर बारिश के थमने के बाद तफरी करने वालों की भीड़ देखी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी 24-48 घंटों तक बादलों की सक्रियता पूर्वांचल में बनी रहेगी। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/संजय-hindusthansamachar.in