लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है विशेष सुरक्षा बल का गठन: भाकपा
लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है विशेष सुरक्षा बल का गठन: भाकपा
उत्तर-प्रदेश

लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है विशेष सुरक्षा बल का गठन: भाकपा

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पुलिस ने रोका भाकपा कार्यकर्ताओं का पैदल मार्च, मजिस्ट्रेट को सौंपा पत्रक मीरजापुर, 15 सितम्बर (हि.स.)। भाकपा (माले) व अखिल भारतीय खेल एवं ग्रामीण मजदूर सभा के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट को पत्रक सौंपा। हालांकि स्टेशन से पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंच जिलाधिकारी को पत्रक देने का कार्यक्रम तय था लेकिन इसके पहले ही स्टेशन पर पुलिस की तैनाती कर मार्च नहीं निकालने दिया गया। इस कारण कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मौके पर मौजूद नगर मजिस्ट्रेट को ही सौंपा। केंद्रीय कमेटी के सदस्य मो. सलीम ने कहा कि विशेष सुरक्षा बल का गठन लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये का लोन माफ कर सकती है लेकिन स्वयं सहायता समूहों से लिए गए गरीब महिलाओं का नहीं। इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकार एक खास वर्ग के लिए ही कार्य कर रही है। आरोप लगाया कि सरकार ने पहले ही देशबंदी कर रोजगार छीन ली है, अब तरह-तरह का अध्यादेश लाकर जनविरोधी नीतियां अपना रही है, जो संविधान व लोकतंत्र पर हमला करने जैसा है। कार्यकर्ताओं ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। कहा कि हत्या पर हत्या हो रही है और हत्यारें भी खुलेआम घूम रहे हैं लेकिन पुलिस कुछ नहीं पा रही है। पुलिस सिर्फ जननेताओं पर फर्जी मुकदमा लादकर उत्पीड़न कर रही है। कहा कि महंगाई के चलते गांव-गांव भूखमरी फैल रही है। मनरेगा मजदूरों का लाखों रुपये मजदूरी भुगतान बकाया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सुधार नहीं आया तो बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष और तेज करेंगे। इस दौरान शशिकांत कुशवाहा, जीरा भारती, भक्त प्रकाश श्रीवास्तव, सुरेश कोल, आशाराम भारती, सतीश यादव, ओमप्रकाश पटेल, राजाराम लालचंद कोल, ओमप्रकाश भारती आदि रहे। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/दीपक-hindusthansamachar.in