रायबरेली में कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल, पूर्व विधायक को पंचायत राज समिति में जगह
रायबरेली में कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल, पूर्व विधायक को पंचायत राज समिति में जगह
उत्तर-प्रदेश

रायबरेली में कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल, पूर्व विधायक को पंचायत राज समिति में जगह

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रायबरेली, 07 सितम्बर (हि.स.)। अपने गढ़ में लम्बे समय से बागियों से जूझ रही कांग्रेस ने अब जनाधार वाले नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने की शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की गठित सात समितियों में से एक पंचायत समिति में रायबरेली को भी मौका मिला है। इसे सोनिया के संसदीय क्षेत्र में एक डैमेज कंट्रोल के रुप में माना जा रहा है। ऊंचाहार से पूर्व विधायक अजय पाल सिंह को पंचायत राज चुनाव समिति में जगह दी गई। इससे कांग्रेस नेतृत्व रायबरेली में स्थानीय समीकरण को साधने की कोशिश में हैं। अजयपाल सिंह लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं व 2007 में पार्टी से विधायक भी रहे हैं। वह जनाधार वाले नेता माने जाते हैं। अपनी बेदाग छवि व लोकप्रियता के कारण वह गांधी परिवार के करीबी भी हैं। पंचायत चुनावों को लेकर बनाई गई इस महत्वपूर्ण समिति में कई अन्य महत्वपूर्ण व वरिष्ठ नेता हैं और रायबरेली से अजय पाल सिंह की नियुक्ति को स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि सोनिया के गढ़ में कांग्रेस लगातार बागियों से जूझ रही है। पार्टी के दोनों विधायक कांग्रेस नेतृत्व के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। हरचंदपुर से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित राकेश सिंह व सदर विधायक अदिति सिंह को कांग्रेस निलंबित कर चुकी है और इनकी सदस्यता भी न्यायालय में विचाराधीन है। विधायकों के बागी होने से रायबरेली में कांग्रेस कमजोर हो रही थी,जनाधार वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से पार्टी के समर्थक निराश थे। ऐसे में प्रदेश स्तर की समिति में रायबरेली से पूर्व विधायक अजय पाल सिंह की नियुक्ति से कांग्रेस को मजबूत करने में जरूर मदद मिलेगी। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीश/उपेन्द्र/संजय-hindusthansamachar.in