राम जन्मभूमि के बैंक खाते में हुए फर्जीवाड़े से अखाड़ा परिषद नाराज, कार्रवाई की मांग
राम जन्मभूमि के बैंक खाते में हुए फर्जीवाड़े से अखाड़ा परिषद नाराज, कार्रवाई की मांग
उत्तर-प्रदेश

राम जन्मभूमि के बैंक खाते में हुए फर्जीवाड़े से अखाड़ा परिषद नाराज, कार्रवाई की मांग

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-कंगना राणावत को बताया देश की बेटी -मुख्यमंत्री योगी अपराधियों पर कर रहे कड़ी कार्रवाई : नरेंद्र गिरि प्रयागराज, 10 सितम्बर (हि.स)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खाते से क्लोन चेकों के जरिए फर्जीवाड़ा किए जाने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ी नाराजगी जताई है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरि ने गुरूवार को कहा कि बड़ी रकम निकालते समय बैंक अधिकारियों को भी इस मामले का संज्ञान रखना चाहिए था। लेकिन कहीं न कहीं बैंक कर्मचारियों से भी इस पूरे मामले में चूक हुई है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर कहा है कि वह जिम्मेदार और बुद्धिमान व्यक्ति हैं, निश्चित तौर पर इस मामले में वह जरूर ठोस कार्रवाई करेंगे। महंत नरेंद्र गिरी ने राम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर में इस तरह की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। कंगना रानावत को अखाड़ा परिषद का भी समर्थन बॉलीवुड की अभिनेत्री कंगना रानावत को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का भी समर्थन मिला है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कंगना रानावत को देश की बेटी बताया और कहा कि कंगना बहादुर और हिम्मत वाली बेटी है। जिसने बॉलीवुड के माफियाओं और ड्रग माफियाओं के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने निडर होकर बॉलीवुड में एक विशेष समुदाय के वर्चस्व के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। इससे न केवल बॉलीवुड के माफिया डर गए हैं, बल्कि सरकार के भी कदम उखड़ रहे हैं। यही वजह है कि सच को दबाने के लिए ठाकरे सरकार ने कंगना राणावत के कार्यालय पर बुलडोजर चलवाया और बदले की कार्रवाई की है। हालांकि महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने कंगना राणावत को बड़ी राहत देते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई है। लेकिन सुशांत सिंह मर्डर केस में जिस बहादुरी से कंगना ने ड्रग और बॉलीवुड माफियाओं का सामना किया है उससे लोगों में बौखलाहट है। नरेंद्र गिरि ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। पालघर में दो साधुओं की हुई हत्या के मामले में भी महाराष्ट्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। कहा कि अखाड़ा परिषद ने पालघर मामले में भी सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंगना रानावत की इस लड़ाई में साधु-संत और पूरा देश उनके साथ है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार को कंगना रानावत को सुरक्षा देने के लिए धन्यवाद भी दिया है। योगी सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कर रही कार्रवाई : नरेंद्र गिरि सूबे की योगी सरकार प्रदेश के जिन बड़े अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, उसमें प्रयागराज के बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद का भी नाम शामिल है। जो इन दिनों गुजरात की अहमदाबाद जेल में बंद हैं। लेकिन अतीक अहमद की आर्थिक रुप से कमर तोड़ने के लिए उनकी अपराध से अर्जित की गई कई अवैध और बेनामी सम्पत्तियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कैंट थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमें में जहां झूंसी के कटका में तीन बड़े भूखंडों पर स्थित पूर्व सांसद अतीक अहमद के कोल्ड स्टोरेज को कुर्क करने की कार्रवाई बुधवार से शुरु कर दी गई है। वहीं गुरुवार को अतीक अहमद के चकिया स्थित कार्यालय को भी जब्त करने की कार्रवाई करने खुल्दाबाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने मुनादी कर अतीक कार्यालय के दो हिस्से को कुर्क करने के साथ ही दोनों गेटों पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया है। जबकि एक हिस्से को पुलिस पहले ही कुर्क कर चुकी है। अतीक अहमद के वकील निसार अहमद सिद्दीकी के मुताबिक अतीक अहमद का कार्यालय आठ हिस्सों को मिलाकर बना हुआ है। इससे पहले 2007 में भी अतीक के कार्यालय को सील किया गया था। जिसे बाद में अतीक ने कोर्ट से रिलीज करा लिया था। इसके साथ ही अतीक के चकिया स्थित आवास के पीछे के हिस्से की एक प्रापर्टी को भी खुल्दाबाद पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने दीवार पर पेंट से लिखवा दिया है कि डीएम के निर्देश पर जब्तीकरण की ये कार्रवाई की गई है। वहीं, अतीक अहमद की सम्पत्तियों की कुर्की के दौरान वहां उनके वकील भी पहुंचे थे। लेकिन डीएम के कुर्की आदेश को देखकर वे कोई विरोध नहीं कर सके। अब तक अतीक अहमद की करोड़ों की दस से ज्यादा सम्पत्तियों को प्रशासन ने कुर्क करने की कार्रवाई पूरी कर ली है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 26 और 27 अगस्त को साठ करोड़ की सात सम्पत्तियों को पुलिस ने कुर्क किया था। जिसके बाद 14 सितम्बर तक छह और सम्पत्तियों को कुर्क किया जाना था। जिसके तहत ही ये कार्रवाई की गई है। वहीं पांच सितम्बर को अतीक के करीबी रिश्तेदार इमरान के अवैध कब्जे वाली दो बिल्डिंगों के ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई हो चुकी है। जबकि सात सितम्बर को खुद अतीक द्वारा नजूल भूमि पर अवैध रुप से नवाब युसूफ रोड पर बनाई गई बिल्डिंग को चार-चार जेसीबी मशीनें लगाकर पीडीए ने ढहा दिया है। फिलहाल बाहुबली के तिलिस्म को तोड़ने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई अभी भी लगातार जारी है। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in