राज्य ब्रिज कारपोरेशन के कर्मचारियों ने किसानों को उलझाया
राज्य ब्रिज कारपोरेशन के कर्मचारियों ने किसानों को उलझाया
उत्तर-प्रदेश

राज्य ब्रिज कारपोरेशन के कर्मचारियों ने किसानों को उलझाया

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औरैया, 15 अक्टूबर (हि. स.)। जनपद के कस्बा कंचौसी रेलवे क्रॉसिंग के पास ओबर ब्रिज का निर्माण बराबर उलझता जा रहा है जिसके लिए रेल फ्रेट कारीड़ोर तीन साल से बनाने के लिए राज्य ब्रिज कार्पोरेशन पीडब्ल्यूडी व भूमि से प्रभावित किसान सभी आमने-सामने है जिसका सकारात्मक हल निकालने के लिए देहात जिला प्रशासन पूरा प्रयास कर रहा है इसमे मुख्य अवरोध किसानो का अपनी भूमि के मुआवजे की अपनी उचित माग को लेकर है इस मे घी मे आग डालने का काम ब्रिज कारपोरेशन के इंजीनियरो का है। जिन्होंने बिना तहसील डेरापुर और राजस्व अधिकारियो की स्वीकृति लिए प्रभावित किसानों को आवासीय रेट का चार गुना मुआवजा दिलाये जाने के सहमति पत्र आठ माह पहले ले लिये और जल्दी बाजी मे लाकडाउन के समय ठेकेदारो के माध्यम से दिन रात काम कराकर बिना मुआवजा भुगतान के किसानों की भूमि पर आधा दर्जन से अधिक खम्भे खड़े कर दिए जिन पर दो करोड से अधिक रूपये खर्च हो गया अगस्त महीने मे किसानो ने काम रोक दिया तब से आज तक काम अधूरा पड़ा है जहां किसानों को मनाने के लिए चार बार डेरापुर रसूलाबाद के एस डी एम तहसीलदार लेखपालो की टीम के साथ बाद मे डी एम व ए डी एम देहात के साथ अकबरपुर सासंद देवेन्द्र सिह भोले के साथ बैठक कर सहमति का प्रयास करते रहे लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नही हो सका है। किसान नरेंद्र चतुर्वेदी, मझले पंडित, पप्पू पंडित, सत्य नारायण दुबे, सुरेन्द्र सिंह, संजू कुमार, अखिलेश शर्मा ओम प्रकाश आदि सहमति पत्र के अनुसार मुआवजा भुगतान पर अड़े है। तो वही जिले के वरिष्ठ आधिकारी बिना भुगतान खेतो पर काम करने से हुए फसलो के नुकसान की भरपाई करने के लिए ब्रिज कार्पोरेशन के अधिकारियो व कर्मचारियो को जिम्मेदार ठहरा रहे है। रेल फ्रेट कारीडोर अपने हिस्से मे काम करने के लिए साइट पर मशीने लगाये है लेकिन किसान अपनी भूमि पर मिट्टी तक नही डालने दे रहे है इस सब के कारण कंचौसी और निकलने बाले वाहनों को अभी लम्बे समय तक जाम से निजात मिलती नही दिखाई दे रही है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/मोहित-hindusthansamachar.in