रसखान और काले खां ने की थी ठाकुरजी की पूजा, सद्भावना के लिए मंदिर में नमाज पढ़ने की जरूरत नहीं : देवकीनंदन ठाकुरजी
रसखान और काले खां ने की थी ठाकुरजी की पूजा, सद्भावना के लिए मंदिर में नमाज पढ़ने की जरूरत नहीं : देवकीनंदन ठाकुरजी
उत्तर-प्रदेश

रसखान और काले खां ने की थी ठाकुरजी की पूजा, सद्भावना के लिए मंदिर में नमाज पढ़ने की जरूरत नहीं : देवकीनंदन ठाकुरजी

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मथुरा, 05 नवम्बर(हि.स.)। जिले में नंदगांव कस्बे के मंदिर में नमाज पढ़ने का मामला अब और भी तूल पकडता जा रहा है, जब से नमाज पढ़ने वाला फैजल खांन सीएए के प्रदर्शन में सक्रिय निकला है। नमाज पढ़ने के मामले में प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने गुरूवार कहा कि हमने रसखान, काले खां को स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने मंदिर में जाकर पूजा की थी, न की नमाज पढ़ी थी। यह कृत्य विधर्मियों के द्वारा किया गया है। यह वाकई सहन करने योग्य नहीं है, अगर वह सद्भावना के लिए मंदिर में आए थे तो फिर मंदिर में आकर नमाज पढ़ने की क्या आवश्यकता थी। देवकी नंदन ठाकुर ने कहा है कि नंदगांव में जिस तरीके का कृत्य विधर्मियों के द्वारा किया गया है वह वाकई सहन करने योग्य नहीं है, उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि सद्भावना के तहत उन्होंने ऐसा किया, वह सद्भावना के लिए मंदिर में आए थे। अगर सद्भावना के लिए मंदिर में आए थे तो फिर मंदिर में आकर नमाज पढ़ने की क्या आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि अगर सद्भावना ही थी तो भगवान श्री कृष्ण को प्रणाम करो और बाहर चले जाओ। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अगर नमाज का टाइम हो रहा था तो नंदगांव बहुत बड़ा है छोटा नहीं है, आप वहां जाकर नमाज पढ़िए, देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हमने रसखान को स्वीकार किया, काले खां को स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने मंदिर में जाकर सिर्फ पूजा की है. नमाज नहीं अदा की। उन्होंने कहा कि तमाम मौलवियों को, उनके धर्म गुरुओं को इसका विरोध करना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं कर पाते हैं तो हम समझेंगे कि यह सोची-समझी चाल है, रणनीति है। जो हिंदू कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वह सबसे प्रार्थना करना चाहते हैं कि मथुरा प्रशासन ने उनको गिरफ्तार किया है। उसके लिए साधुवाद, लेकिन ऐसी सजा उनको मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी कठोर सजा उनको मिलनी चाहिए कि उस सजा को देखने और सुनने के बाद फिर कोई भी व्यक्ति दोबारा यह हरकत न करे। उन्होंने कहा कि आप अपने धर्म का पालन कीजिए और हमें अपने धर्म का पालन करने दीजिए। हिन्दुस्थान समाचार/महेश-hindusthansamachar.in