मुसलमान भड़कें नहीं बल्कि फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करें: कल्बे जवाद
मुसलमान भड़कें नहीं बल्कि फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करें: कल्बे जवाद
उत्तर-प्रदेश

मुसलमान भड़कें नहीं बल्कि फ्रांस के उत्पादों का बहिष्कार करें: कल्बे जवाद

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-कहा, मुसलमानों को वैश्विक स्तर पर भड़काने के लिए किए जाते हैं अनुचित कार्य लखनऊ, 05 नवम्बर (हि.स.)। प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु और मजलिसे ओलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने एक बार फिर फ्रांस में पैगम्बर हजरत मोहम्मद मुस्तफा के अपमानजनक कार्टून बनाये जाने पर दु:ख और नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि जिस तरह से फ्रांस में पैगंबर हजरत मोहम्मद के अपमानजनक कार्टून बनाए जा रहे हैं, वे निंदनीय हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उपद्रवियों के पास सरकारी संरक्षण है और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खुद इस्लामोफोबिया का शिकार हैं, इसलिये अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। सभी मुसलमानों को फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि कोई भी मुसलमान पैगंबर हजरत मोहम्मद के अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। लेकिन, मुसलमानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मुसलमानों को वैश्विक स्तर पर भड़काने के लिए इस तरह के अनुचित कार्य किए जाते हैं। इस्लाम दुश्मन ताकतें मुसलमानों की भावनाओं को भड़का कर अपने राजनीतिक हितों को प्राप्त करने की कोशिश करती हैं, यही खेल फ्रांस में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस्लाम किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से अपराधी को दंडित करने की अनुमति नहीं देता है। लेकिन, सजा के लिए अदालत नियुक्त की गई है, जहां इस्लामी संविधान के दायरे में काजी अपराधी को सजा देता है। मुसलमानों को अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखना चाहिए और इस्लाम विरोधी ताकतों की भड़काऊ हरकतों के खिलाफ एक व्यवस्थित रणनीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे मराजाए किराम, विशेष रूप से अयातुल्ला सैय्यद अली सिस्तानी ने इस्लाम विरोधी ताकतों की भड़काऊ हरकतों के खिलाफ एक व्यवस्थित रणनीति बताते हुए कहा है कि सारे मुसलमान फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करें। मौलाना ने कहा कि सभी मुसलमानों को फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए ताकि इस्लाम विरोधी ताकतें हमारे पवित्र नबियों और पैगंबरों का अपमान करने की हिम्मत ना कर सकें। लेकिन यह बहिष्कार केवल घोषणा तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि इस पर सख्ती के साथ अमल भी होना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/ रामानुज-hindusthansamachar.in