मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद के निधन पर जताया शोक,बताया-ईमानदारी-सादगी का उदाहरण
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद के निधन पर जताया शोक,बताया-ईमानदारी-सादगी का उदाहरण
उत्तर-प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद के निधन पर जताया शोक,बताया-ईमानदारी-सादगी का उदाहरण

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जमुना प्रसाद के निधन से बांदा ही नहीं पूरा प्रदेश शोकाकुल-हृदय नारायण दीक्षित लखनऊ, 07 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक सन्देश में कहा कि जमुना प्रसाद बोस ने सार्वजनिक जीवन में कर्मठता, ईमानदारी और सादगी का उदाहरण प्रस्तुत किया। वे स्वतंत्रता सेनानी भी रहे और उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि जमुना प्रसाद बोस अभी तक किराए के मकान में रहते थे उन्होंने जनता को ही अपना परिवार माना और उनके सुख-दुख में हमेशा शरीक होते रहे। ऐसी सादगी के प्रतीक श्री बोस के निधन से जनपद बांदा ही नहीं पूरा प्रदेश शोकाकुल है। ऐसे महान सादगी के मूर्ति जमुना प्रसाद बोस के निधन से प्रदेश की राजनीति में अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को चिर शांति व शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी मूल्यों के लिए अपना जीवन अर्पित करने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री जमुना प्रसाद बोस जी के अब हमारे बीच न रहने की खबरर से हम सब बेहद दुखी हैं। भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि समाजवादी आंदोलन के इतिहास और भविष्य में उनकी कर्मठता एवं ईमानदारी सदियों तक याद रखी जाएगी। बांदा के गांधी के रूप में प्रसिद्ध प्रदेश सरकार में मंत्री रहे समाजवादी पार्टी के नेता जमुना प्रसाद बोस का सोमवार की शाम राजधानी के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल कोविड सेंटर में निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद 2 सितम्बर को भर्ती कराया गया था। वे लगभग 95 वर्ष के थे। जमुना प्रसाद बोस 1974 में सोशलिस्ट पार्टी से पहली बार विधायक बने। 1978 रामनरेश मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। 1985 में बांदा से विधायक रहे। 1989 में मुलायम सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। आपातकाल के दौरान जेल भेजे जाने से उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा भी हासिल था। जमुना प्रसाद बोस की जिन्दगी सादगी मिसाल थी। उन्होंने आजीवन खादी का कुर्ता-धोती पहना। वह खुद का निजी मकान तक नहीं बना पाए। विधायक और मंत्रित्व काल के अलावा शेष जीवन भी किराए के मकान में गुजारा। बांदा शहर के खिन्नी नाका मोहल्ले में संकरी गली के अंदर छोटे से किराए के मकान में रहकर अन्य नेताओं को सादगी और ईमानदारी का सबक देने वाले जमुना प्रसाद बोस बचपन से ही सामाजिक और क्रांतिकारी मिजाज के थे। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in