मुख्यमंत्री योगी उप्र को नागर विमानन क्षेत्र में बेहतरीन मॉडल बनाने में जुटे
मुख्यमंत्री योगी उप्र को नागर विमानन क्षेत्र में बेहतरीन मॉडल बनाने में जुटे
उत्तर-प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी उप्र को नागर विमानन क्षेत्र में बेहतरीन मॉडल बनाने में जुटे

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केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री के साथ की अयोध्या, चित्रकूट व म्योरपुर (सोनभद्र) एयरपोर्ट के विकास कार्यों की समीक्षा लखनऊ, 10 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नागर विमानन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बेहतरीन मॉडल बनाने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गुरुवार को एक बार फिर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए अयोध्या, चित्रकूट एवं म्योरपुर (सोनभद्र) एयरपोर्ट के विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने इन जनपदों के अधिकारियों से बातचीत की और प्रोजेक्ट को लेकर वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उनसे स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की समस्या और अन्य विभागों से तालमेल के बारे में भी पूछा। वहीं मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इन सभी प्रोजेक्ट को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को प्रदेश के विभिन्न एयरपोर्ट से जुड़े विषयों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बरेली और हिंडन एयरपोर्ट से अगर उड़ान प्रारम्भ हो जाए तो मध्य उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अच्छी कनेक्टिविटी मिल सकती है। इसी तरह सहारनपुर सरसावा एयरपोर्ट से सम्बन्धित विषय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेरठ हवाई अड्डा पर जो उपलब्ध भूमि है, वहां 20 सीटर एयरक्राफ्ट संचालित किया जा सकता है। अगर भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा मास्टर प्लान तैयार किया जाता है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बेहतर कनेक्टिविटी होगी, इस सम्बन्ध में मांग भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर हवाईअड्डों से सम्बन्धित विषयों को विभागीय स्तर से केन्द्रीय मंत्री के पास भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ इन कार्यक्रमों को आगे लेकर जाएगी। ये राज्य के हित और विकास से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एयर कनेक्टिविटी के मामले में देश में बहुत अच्छी स्थिति में आगे बढ़ रहा है। आज जिन हवाई अड्डों को लेकर समीक्षा की गई है, उनके अतिरिक्त अन्य एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों को भी राज्य सरकार के स्तर पर लम्बित नहीं रखा जाएगा। समयबद्ध तरीके से सरकार कार्य करती रहेगी। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ने समीक्षा के दौरान वर्तमान में किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया और इन्हें समय से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। दरअसल 2017 के बाद नागर विमानन के क्षेत्र में योगी सरकार ने रिकार्ड बनाया है। महज तीन सालों में उत्तर प्रदेश को 19 एयरपोर्ट मिले हैं। 2017 के पहले केवल लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट की सुविधा थी। केवल 25 घरेलू और 12 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की व्यवस्था थी। जबकि, 2017 के बाद अब कुल 51 घरेलू और 12 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा उपलब्ध है। नागर विमानन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने मिसाल कायम की है और इस वजह से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में इजाफा हुआ है। वहीं प्रदेश का जेवर एयरपोर्ट दुनिया से सबसे बड़े एयरपोर्ट में शुमार हो गया है, इसकी वजह से पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश की धाक जमी है। नागर विमान के क्षेत्र में योगी सरकार की अन्य उपलब्धियों की बात करें तो गोरखपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, हिंडन से एयरपोर्ट शुरू किए गए हैं। वहीं वर्षों से प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट 1334 हेक्टेयर में तैयार हो रहा है। इसी तरह बरेली एयरपोर्ट भी उड़ान भरने के लिए तैयार है। आजमगढ़, अलीगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट, म्योरपुर (सोनभद्र) और झांसी के एयरपोर्ट तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। अयोध्या में भी एयरपोर्ट का काम तेजी से शुरू हो रहा है। वहीं गाजीपुर, सहारनपुर और मेरठ एयरपोर्ट के काम में तेजी देखने को मिली है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in