मुख्यमंत्री तक पहुंचा संजीत हत्याकांड, जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय
मुख्यमंत्री तक पहुंचा संजीत हत्याकांड, जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय
उत्तर-प्रदेश

मुख्यमंत्री तक पहुंचा संजीत हत्याकांड, जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय

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पिंटू सेंगर हत्याकांड व बिकरु कांड में भी दिखी पुलिस की शिथिलता कानपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद का बिकरु कांड इन दिनों इस कदर चर्चित है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक नई-नई जानकारी के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इस कांड के अलावा पिंटू सेंगर हत्याकांड और सुजीत अपहरण व हत्याकांड भी है। इन सभी में कहीं न कहीं पुलिस की शिथिलता पायी गयी। सुजीत कांड को लेकर जब आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पता चला कि उसकी हत्या कर दी गयी तो वह बेहद खफा हुए और प्रमुख गृह सचिव अवनीश अवस्थी से जानकारी ली। इससे माना जा रहा है कि कानपुर के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकते हैं। कानपुर के एसएसपी व डीआईजी रहे अनंत देव के तबादले के बाद नये कप्तान दिनेश कुमार प्रभु ने 19 जून को कार्यकाल संभाला। कार्यकाल संभालते ही अगले ही दिन 20 जून को बसपा नेता नरेन्द्र सिंह उर्फ पिंटू सेंगर की दिन दहाड़े शार्प शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके दो दिन बर्रा थाना क्षेत्र के रहने वाले चमन यादव के लैब टेक्नीशियन बेटे सुजीत यादव का अपहरण हो गया, जिसकी अभी भी लाश नहीं मिली। पर पकड़े गये अपहरणकर्ता दो दोस्तों ने हत्या की बात कबूल ली। इन घटनाओं के साथ ही जनपद में दो जुलाई की रात्रि सबसे बड़ी घटना बिकरु कांड हुआ, जिसमें सीओ देवेन्द्र मिश्रा समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गये। जनपद में बढ़ रहे अपराध से पुलिस की बराबर किरकिरी हो रही है। शुक्रवार को जब एसएसपी ने बताया कि सुजीत अपहरण कांड के दो आरोपी पकड़े गये हैं और उन्होंने सुजीत की हत्या की बात कबूल ली है। सुजीत का शव पाण्डु नदी में गोताखोरों की मदद से खोजा जा रहा है। इस बात की जानकारी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद खफा हुए और प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी से पूरी जानकारी मांगी। सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार कानपुर में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री का पारा हाई है, उससे पूरी संभावना है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना तय है। बताते चलें कि सुजीत हत्याकांड में पुलिस की शिथिलता इस कदर रही कि पुलिस के सामने ही अपहरणकर्ता तीस लाख रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गये और पुलिस उनको पकड़ना तो दूर सर्विलांस में उनका नंबर भी ट्रैस नहीं कर सकी। जबकि अपहरण कर्ता एक ही फोन नंबर से बराबर फिरौती मांगते रहे। बताया जा रहा है प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री को सभी घटनाक्रमों की जल्द रिपोर्ट सौंपेगें। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in