मानव को स्वभाव से संत होना चाहिये : इंद्रेश कुमार
मानव को स्वभाव से संत होना चाहिये : इंद्रेश कुमार
उत्तर-प्रदेश

मानव को स्वभाव से संत होना चाहिये : इंद्रेश कुमार

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-बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. राजीव को दिया दीक्षा और गुरूमंत्र वाराणसी,18 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने रविवार को इन्द्रेश नगर लमही में बीएचयू के प्रोफेसर डॉ० राजीव श्रीवास्तव को धर्मगुरुओं, वैदिक ब्राह्मणों, संतों की उपस्थिति में दीक्षा देकर गुरूमंत्र दिया। अभी हाल में ही अयोध्या श्री राम पीठ के केन्द्रीय व्यवस्था प्रमुख बनाये गये डा.राजीव अपने आध्यात्मिक गुरु इन्द्रेश कुमार से दीक्षा लेने के बाद ‘श्री गुरूजी’ के नाम से जाने जायेंगे। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि मानव को स्वभाव से संत होना चाहिये। संतों का जीवन निर्मल और भेदभाव रहित होता है। डा० राजीव ने दीक्षा लेकर राममार्ग का चयन किया है, जो विश्व के कल्याण का ही मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का मानवीय जीवन मानव मूल्यों की स्थापना के लिये था। सद्भावना, शांति और प्रेम ही राम की भक्ति का दर्शन है। सच्चे अर्थों में रामपंथी किसी से भी धर्म जाति भाषा के आधार पर भेद नहीं कर सकता है। श्री रामपंथ विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों एवं जातियों के बीच सेतु का काम करेगा। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरू अरविन्द नागर, संत चट्टो बाबा,गया के तांत्रिक चुन्ने साईं ने भी डा.राजीव को आर्शिवाद दिया। कार्यक्रम में प्रो० एस.पी. सिंह, डॉ० नीलेश दत्त, मोईन खान, शालिनी साह,अर्चना भारतवंशी, नजमा परवीन, नाजनीन अंसारी आदि की खास उपस्थित रही। दीक्षा और गुरु मंत्र लेकर डॉ० राजीव ने संत जीवन जीने का लिया संकल्प विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष डा.राजीव श्रीवास्तव ने इन्द्रेश आश्रम की ओर से आयोजित संत दीक्षा समारोह में अपने गुरु इन्द्रेश कुमार से वैदिक रीति रिवाजों के साथ दीक्षा लेने के बाद संत जीवन जीने का संकल्प लिया। डा.राजीव सुभाष भवन, सुभाष मंदिर, अनाज बैंक, चिल्ड्रेन्स बैंक के संस्थापक हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और इतिहास के डा. राजीव निराश्रित बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें शिक्षा भी दिलाते है। हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/उपेन्द्र/दीपक-hindusthansamachar.in