मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का दर्शन पूजन कर भक्त हुए धन्य
मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का दर्शन पूजन कर भक्त हुए धन्य
उत्तर-प्रदेश

मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का दर्शन पूजन कर भक्त हुए धन्य

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मंगला आरती के बाद से ही शुरु हो गया मां का दर्शन पूजन अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों पर भी भक्तों की रही भीड़ लगभग एक लाख भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेका मीरजापुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां विंध्यवासिनी के मंगला आरती के बाद देर शाम तक लगभग एक लाख भक्तों ने दर्शन पूजन कर पुण्य की कामना की। भक्त मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप में मां विंध्यवासिनी का विधि-विधान से दर्शन पूजन कर निहाल हो गए। विंध्यधाम में मत्था टेकने के बाद भक्तों ने अष्टभुजा और काली खोह मंदिरों पर भी दर्शन पूजन कर त्रिकोण परिक्रमा किए। रविवार का अवकाश होने के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही आसपास के जिलों के बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचे थे। बीते शारदीय नवरात्र मेले की अपेक्षा इस बार के नवरात्र मेले में विंध्यधाम में भक्तों की भीड़ कम होने के कारण तीर्थ पुरोहित और पुलिस कर्मी भी आराम से दर्शन पूजन कराने में जुटे रहे। भक्तों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। गंगा स्नान के लिए विंध्यधाम के गंगा घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ रही। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगला आरती के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। गंगा स्नान कर भक्त सीधे मां के दरबार की तरफ जाने वाले रास्तों पर पहुंच गए। मंदिर परिसर में पहुंचने से पहले ही भक्त पंक्तिबद्ध हो गए। मंगला आरती के बाद मंदिर का कपाट खुलते ही भक्त गर्भगृह में पहुंच कर मां का दर्शन पूजन कर निहाल हो गए। मां के प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए भक्त बेताब दिखे। मां विंध्यवासिनी के चरणों में मत्था टेकने के बाद भक्त मंदिर परिसर में स्थित मां काली, सरस्वती, भगवान शिव व पवन पुत्र हनुमान की प्रतिमा का दर्शन पूजन कर हवन कुण्ड की परिक्रमा कर अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों पर दर्शन पूजन के लिए रवाना हो गए। इन मंदिरों पर भी भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। कालीखोह में दर्शन पूजन कर भक्त मंदिर के पीछे स्थित सीढ़ी से पहाड़ी पर पहुंच गए। इसके बाद पहाड़ी के रास्ते अष्टभुजा मंदिर पर पहुंच कर दर्शन पूजन किए। मां अष्टभुजा का दर्शन पूजन कर भक्त त्रिकोण परिक्रमा में जुटे रहे। एडीएम यूपी सिंह के मुताबिक रविवार को देर शाम तक लगभग एक लाख भक्त मां के दरबार में मत्था टेक पुण्य की कामना किए। त्रिकोण मार्ग पर भक्तों का उमड़ा हुजूम शारदीय नवरात्र मेले के दूसरे दिन रविवार का अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में भक्त मां का दर्शन पूजन करने के लिए विंध्यधाम पहुंचे थे। मां विंध्यवासिनी और अष्टभुजा व कालीखोह मंदिरों में दर्शन पूजन करने के बाद भक्तों ने त्रिकोण परिक्रमा की। त्रिकोण मार्ग भक्तों से पटा रहा। खस्ताहाल सड़क बनी मुसीबत कालीखोह से अष्टभुजा डाक बंगले तक खस्ताहाल सड़क श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत साबित हो रही है। सड़क की खुदाई कर छोड़ दिए जाने से वाहनों के गुजरते वक्त धूल का गुबार उठने से सामने से आ रहे लोग परेशान हो जाते है। धूल के कण आंखों में चले जाने से लोगों को दिक्कतें हो रही है। लगभग पांच सौ मीटर खस्ताहाल पर पानी का छिड़काव करा दिया जाए तो धूल का गुबार उठना बंद हो जाएगा। इससे राहगीरों को भी राहत मिल जाएगी। बिहार और दिल्ली के श्रद्धालु वाया मीरजापुर पहुंच रहे विंध्याचल बिहार और नई दिल्ली से आने वाले श्रद्धालुओं को मिर्जापुर स्टेशन पर ट्रेन से उतर कर विंध्याचल दर्शन पूजन करने के लिए जाना पड़ रहा है। विंध्याचल स्टेशन पर पुरूषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल का ठहराव न होने के कारण यात्रियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन ट्रेनों से दिल्ली और बिहार से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन पूजन के लिए आ रहे है। गंगा घाटों और गलियों में तैनात रही पुलिस मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विंध्याचल के विभिन्न गंगा घाटों और गलियों में पुलिस कर्मियों की तैनाती की है। विभिन्न स्थानों पर सिविल ड्रेस में भी कुछ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगायी गयी है ताकि कोई व्यक्ति किसी तरह की वारदात न करने पाए। सीसी टीवी कैमरे से हो रही निगरानी मंदिर परिसर और गंगा घाटों के साथ गलियों में भी सीसी टीवी कैमरा लगा कर निगरानी की जा रही है। मेला प्रशासनिक भवन के द्वितीय तल पर स्थित कंट्रोल रूम से सीसी टीवी कैमरे की निगरानी की जा रही है। सीसी टीवी कैमरे की निगरानी के लिए पुलिस कर्मियों की क्लाक वाइज ड्यूटी लगायी गयी है। लंगूरों को चना खिलाने में जुटे रहे भक्त काली खोह मंदिर से अष्टभुजा मंदिर की तरफ जाने वाले भक्त सीढ़ी पर बैठे लंगूरों को चना भी खिला रहे है। भक्तों का मानना है कि लंगूर को चना खिलाने से पवन पुत्र हनुमान प्रसन्न होते है। यात्री शेड में रात गुजार रहे श्रद्धालु इस बार नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित यात्री शेड में रात गुजारनी पड़ रही है। दर्शन पूजन से खाली होने के बाद भक्तों को रात्रि में गंतव्य तक जाने के लिए बसें नहीं मिल पा रही है। मेला क्षेत्र में इस बार प्रशासन की तरफ से भी कोई पण्डाल नहीं लगवाया गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन का यात्री शेड रात गुजारने के लिए अहम सहारा साबित हो रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/राजेश-hindusthansamachar.in