महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें तथा बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देंः आनन्दीबेन
महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें तथा बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देंः आनन्दीबेन
उत्तर-प्रदेश

महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें तथा बच्चों को संस्कारवान शिक्षा देंः आनन्दीबेन

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लखनऊ, 22 नवम्बर (हि.स.)। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने रविवार को अपने एक दिवसीय मुरादाबाद जनपद भ्रमण में आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में आयोजित मिशन शक्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यपाल मुरादाबाद सर्किट हाउस में ओडीओपी टूल किट एवं ऋण वितरण समारोह तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना एवं स्वरोजगारपरक योजना के लाभार्थियों को टूल किट एवं स्वीकृति पत्र वितरित किये। उन्होंने क्षयरोग ग्रसित बच्चों को गोद लेने वाली स्वयं सेवी संस्थाओं की सराहना एवं उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट रामगंगा विहार मुरादाबाद में 'पोषण वाटिका' का उद्घाटन किया तथा 'प्रोजेक्ट स्नेह' के अन्तर्गत 500 कुपोषित बालकों के कल्याणार्थ विशेष कार्यक्रम को शुभारम्भ भी किया। राज्यपाल आनन्दीबेन ने अपने भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में आयोजित मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाओं से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें तथा सकारात्म दृष्टिकोण अपनाकर बच्चों को संस्कारवान एवं गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने महिला साक्षरता तथा नारी सशक्तीकरण पर बल देते हुए कहा कि लड़कियों और लड़कों के बीच कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर समाज की सोच को बदल दें तो लड़कियां आगे बढ़ती रहेंगी। राज्यपाल न कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य यही है कि नारी को सुरक्षा सम्मान एवं स्वावलम्बल प्रदान किया जाए। समाज में महिला सुरक्षा का बिन्दु महत्वपूर्ण है। बच्चों को ठीक वातावरण मिलें तथा ठीक से पढ़ाया जाये। लड़के-लडकी को समान रुप से देखने की आवश्यकता होगी। महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी और किसी से नहीं डरेंगी तथा महिलाएं समाज की मुख्य धारा में आकर कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि सबके लिए शिक्षा का बहुत महत्व है तथा शिक्षा का दीप ही इस अंधेरे को मिटा सकता है। राज्यपाल ने महिलाओं का आह्वान किया कि आज ही हमें शिक्षित होने का संकल्प लेना है तथा सारी समस्याओं का समाधान शिक्षा से ही संभव है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे भारतीय संविधान में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया गया है। लेकिन, चिन्ता की बात यह है कि समाज में कुछ विकृत मानसिकता के लोग इसमें बाधा उत्पन्न करते हैं तथा हमें यह प्रण लेना है कि महिला सशक्तीकरण देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। राज्यपाल ने आईएफटीएफ विश्वविद्यालय में कोरोना काल में उत्कृष्ठ सेवा प्रदान करने वाले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल ने डॉ. सीमा रानी सदस्य उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, प्रीति जायसवाल अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, प्रेरणा सिंह उप जिलाधिकारी सदर, मंजू कोठीवाल, डॉ. सुषमा राठी रेलवे हास्पिटल, डॉ. अर्चना यादव सिविल हास्पिटल, डॉ. दिव्या गोयल, डॉ. सैफाली सिंह, रितु नारंग, तथा श्रीमती गरिमा सिंह समाज सेविका को कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का इलाज एवं उचित देखभाल करने पर स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in