महंगाई के चलते नहीं बिकी चांदी की राखियां, सर्राफ निराश
महंगाई के चलते नहीं बिकी चांदी की राखियां, सर्राफ निराश
उत्तर-प्रदेश

महंगाई के चलते नहीं बिकी चांदी की राखियां, सर्राफ निराश

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कासगंज, 02 अगस्त (हि.स.)। कोरोना महामारी का असर बाजारों साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पिछले वर्षों में रक्षाबंधन के दौरान चांदी की राखियों का बढ़ा क्रेज हुआ करता था, लेकिन इस बार कोरोना वाइरस एवं बढ़ती महंगाई के चलते चांदी की राखियां शो-केसों मेंं रखी धूल फांक रही हैं। सराफा व्यवसाई भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सर्राफा व्यवसाई दीपक गुप्ता के मुताबिक चाँदी की तेजी के कारण ग्राहक बाजार से नदारद है। लाँक डाऊन से पहले चाँदी 36 हजार प्रति किलोग्राम थी। जो आज 64 हजार हो गयी है। इससे व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हुआ है। राखी की खरीदारी नहीं हो सकी है। सराफा व्यवसाई अनिरुद्ध पलतानी के मुताबिक जो राखी पूर्व में 300 रूपये मे आ जाती थी। वो आज 500 से लेकर 1 हजार ,12 सौ तक आ रही है। जेवरातो और चाँदी की राखियो की बिक्री बिल्कुल ना के बराबर रही है। सराफा व्यवसाई मनोज वर्मा कहते हैं लाँक डाऊन की प्रशासन द्वारा की गयी सख्ती से ग्राहक भी बाजार मे नही आ पाया बाजार मे जो भी दुकानदारी हुयी। बह सिफ॔ शुक्रवार को हुयी जिससे बाजार भीड़ भाड रही, लेकिन शनिवार रविवार को ग्राहक पूरी तरह नदारद रहा दुकानें भी बंद रहीं फल स्वरुप राखी की बिक्री नहीं हो सकी। हिन्दुस्थान समाचार/पुष्पेंद्र/उपेन्द्र-hindusthansamachar.in