मऊ : घाघरा नदी के बाढ ने बढाई आफत, आवागमन के लिए लगाई गयी नाव
मऊ : घाघरा नदी के बाढ ने बढाई आफत, आवागमन के लिए लगाई गयी नाव
उत्तर-प्रदेश

मऊ : घाघरा नदी के बाढ ने बढाई आफत, आवागमन के लिए लगाई गयी नाव

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मऊ, 23 जुलाई (हि.स.)। जिले के मधुबन तहसील के देवारा क्षेत्र में घाघरा नदी की बाढ़ ने आफत मचाना शुरु कर दिया है। घाघरा नदी का जलस्तर खतरा निशान से ऊपर पहुंच गया है। लहरों की रफ्तार काफी तेज हो गई है। नदी का पानी तटवर्ती इलाकों में फैलकर तबाही मचा रहा है। जलस्तर बढ़ने से किसानों की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ने लगी है। घाघरा नदी के बाढ से मधुबन तहसील का पाउस, लामी, ताहिरपुर, बीबीपुर आदि एक दर्जन गांव प्रभावित है। यहां के किसान पुरी तरह से मायूस हो गये हैं। लहरें कटान करने को आतूर है, जिससे लोग दहशत में हैं। घाघरा में एकाएक जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। घाघरा तीसरी बार लाल निशान को पार कर ली है। घनघोर बारिश के चलते तथा पहाड़ी नदियों के चलते घाघरा के जलस्तर में 03 दिन से बढ़ोतरी हो रही है। लोग अपने आवश्यक कार्यों को निपटाने के लिए पूरी तरह से प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नावों पर निर्भर हो गए हैं। बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए प्रशासन द्वारा 28 नावें लगाई गई हैं। नाविकों को नाव के साथ तैयार रहने के लिए निर्देशित किया गया है। बता दें चक्की मूसाडोही गांव के साथ ही देवारा के सभी प्रमुख संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी आ गया है। जिससे ग्रामिण नाव के सहारे ही बाहर निकल पा रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने में ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र के चक्कीमुसाडोही में आठ, दुबारी में दस, धर्मपुर विशुनपुर में चार व गजियापुर में चार नावें लगाई गई हैं। सभी बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को जलस्तर और बाढ़ की समस्या पर सतर्क निगाह रखने के लिए निर्देशित किया गया है। विषम परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है। हिन्दुस्थान समाचार/वेद/उपेन्द्र-hindusthansamachar.in