भुखमरी का दंश झेल रहे हैं जल निगम के 23000 अधिकारी कर्मचारी
भुखमरी का दंश झेल रहे हैं जल निगम के 23000 अधिकारी कर्मचारी
उत्तर-प्रदेश

भुखमरी का दंश झेल रहे हैं जल निगम के 23000 अधिकारी कर्मचारी

news

बांदा,15 सितंबर( हि.स.)। उत्तर प्रदेश जल निगम के 11000 इंजीनियर अधिकारी कर्मचारी व सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 23000 जल निगम कर्मचारियों को पिछले 4 माह से पेंशन व वेतन न मिलने से उनके सामने पेट की भूख शांत करने के लिए विषम परिस्थितियां पैदा हो गई हैं। इन कर्मचारियों ने आज प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया है। इन प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि सबका साथ सबका विकास के बहु आयामी नारे को साकार करने में उत्तर प्रदेश जल निगम के 11000 इंजीनियर अधिकारी कर्मचारी दिन-रात निष्ठा लगन एवं कठिन परिश्रम से प्रदेश की 24 करोड़ जनता को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था तथा नदी प्रदूषण नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को मूर्त रूप देने में अपना योगदान दे रहे हैं। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में जन हितैषी सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य, सफाई, बिजली, पेयजल ,परिवहन पुलिस अधिकारी विभागों के कोरोना वारियर्स को प्रोत्साहित करने और उनके संरक्षण हेतु चिकित्सा, बीमा समय से वेतन पेंशन देने की हर मदद की घोषणाएं सरकार कर रही है लेकिन उत्तर प्रदेश जल निगम के लगभग 23000 कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों कर्मचारियों के परिवार 4 माह से वेतन के अभाव में महामारी बीमारी से बीमारी और भुखमरी का दंश झेल रहे हैं। दूसरी तरफ जल निगम प्रशासन में नियुक्त नौकरशाहों ने मनमाने फैसले करते हुए अपने चहेते सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार, विशेष कार्याधिकारी, ऑडिटर सहायक आदि पदों पर संविदा नियुक्ति देकर एक लंबी फौज खड़ी कर दी है। जिनकी मानदेय सुख-सुविधाओं पर अनावश्यक धनराशि की जा रही है जो लगातार कर्मचारी विरोधी एवं शासन की मंशा के विपरीत निर्णय कर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि जल निगम की वित्तीय स्थिति दयनीय होने पर संविदा पर नियुक्त सलाहकार अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल समाप्त की जाए, पेंशनरों को लाभ प्रदान किया जाए, जल निगम कर्मचारियों की अवैधानिक रिकवरी समाप्त की जाए, वेतन पेंशन के लाभों में एकरूपता स्थापित की जाए, कोरोना महामारी संकट से जूझ रहे जल निगम कर्मियों पेंशनरों को 4 माह का बकाया व वेतन पेंशन का एकमुश्त भुगतान कराया जाए व डिप्लोमा धारक फील्ड कर्मिको जूनियर इंजीनियर पीएलआई, तकनीकी पदों पर 5प्रतिशत पदोन्नत का कोटा निर्धारित किया जाए साथ ही जल निगम के सेवानिवृत्त कर्मी को महंगाई राहत प्रदान की जाए। हिंदुस्थान समाचार /अनिल/मोहित-hindusthansamachar.in