भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी उप्र की फिल्म सिटी-योगी आदित्यनाथ
भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी उप्र की फिल्म सिटी-योगी आदित्यनाथ
उत्तर-प्रदेश

भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी उप्र की फिल्म सिटी-योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ, 22 सितम्बर (हि.स.)। प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बॉलीवुड के चर्चित निर्माता-निर्देशकों के साथ बैठक में कहा कि जिस शकुंतला पुत्र भरत के नाम पर देश का नाम भारत पड़ा, उसी हस्तिनापुर के आस-पास के क्षेत्र में हम फिल्म सिटी प्रस्तावित कर रहे हैं। यह भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी। यमुना अथॉरिटी की ओर से उसके लिए प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया है। यह गंगा-यमुना के बीच का भूभाग है। यमुना जी के समानान्तर यमुना एक्सप्रेस-वे का निर्माण दिल्ली को आगरा से जोड़ने के लिए किया गया है, उसके बीच यह पूरा क्षेत्र पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि ये सिर्फ फिल्म सिटी तक सीमित नहीं रहेगा हम वहां वर्ल्ड क्लॉस इलेक्ट्रॉनिक सिटी भी देने जा रहे हैं और एक वर्ल्ड क्लास फाइनेंशियल सिटी भी हम वहीं प्रपोज करने जा रहे हैं जो वहां से हर आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों का संचालन कर सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। यहां 24 करोड़ की आबादी निवास करती है। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली की सीमाएं इससे मिलती हैं। इसके अलावा नेपाल की सीमा भी प्रदेश से मिलती हैं। उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का एक केंद्र बिंदु है। प्राचीन पौराणिक कालखंड से लेकर अर्वाचीन काल तक देश की आजादी की लड़ाई में प्रदेश का योगदान रहा है। यहां भगवान राम से लेकर श्रीकृष्ण तक की जन्मस्थली है। गंगा-यमुना की संगमस्थली प्रयागराज भी यहीं है। हम प्रदेश के विकास को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। अगर कनेक्टिविटी की बात की जाए यहां सबसे बेहतर है। जेवर में पांच हजार एकड़ में एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यह 2023 से शुरू हो जाए। यहां मेट्रो से सम्बन्धित आधुनिक सुविधाओं को और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जहां सिर्फ दो एयरपोर्ट थे और एक में कभी-कभी फ्लाइट आती थी, आज उसकी तुलना में 07 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं और 25 पर काम चल रहा है। प्रदेश के हर कोने को हम हवाई सेवा से जोड़ रहे हैं। इन सभी का लाभ लोगों का मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सबके अन्दर उत्साह और उमंग देखने को मिला। यह मेरे अंतःकरण को प्रफुल्लित करने वाला क्षण है कि शासन की किसी घोषणा को उस फील्ड से जुड़े हुए लोग अंतःकरण से स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने देश को जोड़ने का काम किया है। देश के बाहर भी भारतीय सभ्यता, संस्कृति को पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म जगत से जुड़े लोगों का यदि उप्र की नई फिल्म नीति को लेकर कोई सुझाव या संशोधन का प्रस्ताव है, तो वह हमें अवगत कराएं, हमें इसे जरूर अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि आज बैठक में शामिल देश के फिल्म जगत से जुड़े डायरेक्टर और फिल्म प्रोड्यूसर, सभी का इस फील्ड में लम्बा अनुभव है। उन्होंने सभी के शॉर्ट नोटिस पर उत्तर प्रदेश आने पर आभार भी जताया। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in