भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही विराजमान है हाथ धुलने की परम्परा : जिलाधिकारी
भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही विराजमान है हाथ धुलने की परम्परा : जिलाधिकारी
उत्तर-प्रदेश

भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही विराजमान है हाथ धुलने की परम्परा : जिलाधिकारी

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-अपने हाथ धोकर डीएम ने ग्लोबल हैंडवाशिंग डे अभियान का किया आगाज हमीरपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। ग्लोबल हैंडवाशिंग डे पर गुरुवार को 'हाथ धोना रोको कोरोना' अभियान का आगाज जिलाधिकारी ने करते हुये कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव का सही तरीका 'ठीक से हाथ धोना' है। यही हमारे बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक अच्छी पहल है। हमीरपुर स्थित कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने अपने हाथों को धोकर हैंडवाशिंग डे अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के रोकथाम के दृष्टिगत वर्ल्ड हैंड वॉश डे का महत्व बढ़ गया है। नियमित रूप से हाथ धुलने की आदत कोविड सहित अन्य संक्रामक रोगों को रोकने में सहायक है। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता के अंतर्गत हाथ धुलने की परंपरा भारतीय संस्कृति में आदि काल से ही विराजमान है, इस संस्कृति को बरकरार रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 के दृष्टिगत जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं, की संकल्पना को मूर्त रूप दिया जाय। इसके अलावा हम सभी के द्वारा हाथ धोने के बारे में कम से कम 10-10 लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाए। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, नाजिर गुरुदेव सिंह, सूचना अधिकारी रूपेश कुमार ,मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज जायसवाल, कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों के कर्मचारियों सहित लगभग 250 लोगों ने हाथ धोकर स्वच्छता का संदेश दिया। नाजिर गुरदेव सिंह द्वारा इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के आगंतुकों के हाथ धोने के लिए कोने-कोने में व्यवस्था की गई। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश-hindusthansamachar.in