बुन्देलखण्ड के किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए - अजय कुमार लल्लू
बुन्देलखण्ड के किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए - अजय कुमार लल्लू
उत्तर-प्रदेश

बुन्देलखण्ड के किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए - अजय कुमार लल्लू

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बांदा, 22 सितंबर (हि.स.)। बुंदेलखंड के सभी जनपदों का भ्रमण करने के बाद वापस लौटे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर बुंदेलखंड के किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आर्थिक संकट झेल है बुंदेलखंड के किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि कोई अन्य किसान आत्महत्या के लिए मजबूर न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि मैंने बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, ललितपुर एवं बांदा जनपदों का दौरा विगत कुछ दिन पहले उन स्थानों का किया जहां किसानों ने आत्महत्या की है। श्री लल्लू ने कहा कि बुंदेलखंड में पानी की विकराल समस्या ने कृषि की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है। सामान योजना के अंतर्गत निजी नलकूप लगाने के लिए सरकार द्वारा 2019 में 68000 रुपये की सब्सिडी की घोषणा की थी, जिसके कारण हजारों किसान ने आकलन के अनुरूप बिजली विभाग के कार्यालय में जमा कर दिया था। अब इसी वर्ष जुलाई में सरकार ने इस योजना से हाथ खींच लिया है, जिसके कारण नलकूप लगाने वाले किसानों को न तो नलकूप मिल पाया है और न ही 68000 रुपये की सब्सिडी मिली। इस प्रकार उनका अपना मूलधन अलग से फंस गया, जिसे उन्होंने अन्य स्रोतों से कर्ज के तौर पर लिया था।इसके अतिरिक्त अन्ना पशु रात में किसानों के खेत चर लेते हैं क्योंकि गौशालाएं केवल कागजों पर बनी हुई है।इस प्रकार संकट में आए किसान आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत तथ्यों से हमारी धारणा की पुष्टि होती है कि किसान भाइयों को सबसे अधिक सरकार की तरफ से सामाजिक आर्थिक सहारे की जरूरत है, क्योंकि संकट के समय उनके पास सबसे कम संसाधन होते हैं। किसान और बेरोजगार सभी समाज का हिस्सा है।यह वर्ग भारत और प्रदेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,जिसमें सदियों से आपस में मिलजुल कर समाज के हितों की रक्षा की है ऐसी स्थिति में जब महत्वपूर्ण समाज आत्महत्या पर मजबूर हो जाए तो हमें सतर्क हो जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने आत्महत्या करने वाले किसानों के नाम और उनके पतों की सूची भी मुख्यमंत्री से भेजी है और कहा है कि इसका सत्यापन सरकार आसानी से अपने स्तर से कराएं और मृतक किसानों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाये। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/मोहित-hindusthansamachar.in