बीएसएफ जवान का शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम
बीएसएफ जवान का शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम
उत्तर-प्रदेश

बीएसएफ जवान का शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

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जौनपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। मड़ियाहूं तहसील अंतर्गत छांगापुर द्वितीय गांव निवासी राजस्थान बॉर्डर पर बाड़मेर में तैनात बीएसएफ के जवान देवेंद्र कुमार दुबे पुत्र अखिलेश दुबे का पार्थिव शरीर सोमवार को दोपहर बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट पीवी नागेश्वर राव तिरंगे में लिपटा शव लेकर गांव पहुंचे। गांव पहुंचते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। हजारों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। गमगीन माहौल में बीएसएफ के जवानों ने मृतक एसआई को सलामी दी। आसपास के गांव के लोग भी अंतिम दर्शन करने के लिए भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पत्नी सीमा अपने 14 माह की बेटी सोहरा को गोद में लेकर गश खाकर गिर पड़ी। दरवाजे पर हजारों की संख्या में गांववासी उपस्थित होकर भारत माता की जयकारा लगाते रहे। अपने फौजी के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर स्थानीय घाट पर ही पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर एसडीएम कौशलेस मिश्रा, क्षेत्राधिकारी राजेंद्र कुमार सहित थाने के तमाम पुलिसकर्मी व पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, मछलीशहर भाजपा जिलाध्यक्ष रामविलास पाल, डॉ.अवधनाथ राजपाल, प्रधान चंद्रभान यादव, सपा नेता राना पुष्पेश यादव, लुकमान खान, डॉ.फौजदार यादव कपिलदेव यादव, राजबीर यादव आदि लोग उपस्थित रहे। फौजी देवेंद्र की मौत कैसे हुई उनके आजा लालमणि दूबे बताते हैं कि घर से ही बीमार था। स्वस्थ होने की बाद अपनी ड्यूटी पर राजस्थान बार्डर गए, जहां उन्हें क्वारंटीन किया गया। इसी दौरान फौजी बेटे की अचानक तबियत खराब हो गई और बीते 4 सितंबर को उसकी मौत हो गई। हिन्दुस्थान समाचार/विश्व प्रकाश/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in