बिजली अभियंताओं ने की फिजूलखर्ची रोकने की मांग, 31 के बाद आन्दोलन की चेतावनी
बिजली अभियंताओं ने की फिजूलखर्ची रोकने की मांग, 31 के बाद आन्दोलन की चेतावनी
उत्तर-प्रदेश

बिजली अभियंताओं ने की फिजूलखर्ची रोकने की मांग, 31 के बाद आन्दोलन की चेतावनी

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-राज्य विद्युत अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने ईआरपी प्रस्ताव लागू करने का किया विरोध लखनऊ, 30 जुलाई (हि.स.)। बिजली अभियन्ताओं के उत्पीड़न, ऊर्जा निगमों में फिजूलखर्ची रोकने, अन्य ज्वलन्त समस्याओं के निराकरण न होने से आक्रोश व्याप्त है। राज्य विद्युत अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को बैठक में कहा कि उत्पीड़न, ऊर्जा निगमों में फिजूल खर्ची व ज्वलन्त समस्याओं के निराकरण न होने पर 31 जुलाई के बाद आन्दोलन की रूप-रेखा तय करेंगे। अभियंता संघ के जनरल सेक्रेटरी प्रभात सिंह ने बताया कि बिना आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किये 01 अगस्त से ईआरपी प्रस्ताव लागू करने के आदेश, जिद व खानापूर्ति कर चहेती फर्म को भुगतान करने की जल्दबाजी है। कोरोना काल में गम्भीर वित्तीय दबाव के कारण पावर कारपोरेशन में ऐसी फिजूलखर्ची व सरकारी धन की लूट तुरन्त बंद की जाये। विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष वीपी सिंह व महासचिव प्रभात सिंह ने कहा कि ईआरपी साफ्टवेयर बनाना कोई राकेट साइंस नहीं है। ईआरपी, एप, पोर्टल के नाम पर हो रही फिजूल खर्ची व सरकारी धन की बर्बादी व लूट पर प्रबन्धन द्वारा आंखे मूंदे रखना प्रबन्धन पर सवालिया निशान लगाता है। सरकार को संज्ञान लेकर एक समिति का गठन कर समीक्षा करना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि अभियन्ताओं के उत्पीड़न, ऊर्जा निगमों में फिजूल खर्ची व ज्वलन्त समस्याओं के निराकरण न होने से प्रदेश के अभियन्ताओं में व्यापक रोष व आक्रोश है। वे 31 जुलाई के बाद आन्दोलन की रूप-रेखा तय करेंगे। इस बाबत अध्यक्ष पावर कारपोरेशन को नोटिस प्रेषित की जा चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऊर्जा निगमों में फिजूलखर्ची बन्द करने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करें तथा प्रबन्धन को अभियन्ताओं की ज्वलन्त समस्याओं का निराकरण अतिशीघ्र करने हेतु निर्देशित करें। हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र/संजय-hindusthansamachar.in