बागपत :  जिले के निजी क्लीनिक मरीजों को रहे लूट, लापरवाही पर सील हो चुका एक अस्पतालबापत
बागपत : जिले के निजी क्लीनिक मरीजों को रहे लूट, लापरवाही पर सील हो चुका एक अस्पतालबापत
उत्तर-प्रदेश

बागपत : जिले के निजी क्लीनिक मरीजों को रहे लूट, लापरवाही पर सील हो चुका एक अस्पतालबापत

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-जिले में मानकों को ताक पर रख संचालित हैं क्लीनिक और अस्पताल बागपत, 07 सितम्बर (हि.स.)। जिले में मानकों को ताक पर रखकर खुल रहे निजी क्लिनिक मरीजों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। बड़ौत में मेट्रो हॉस्पिटल में मरीज के उपचार में लापरवाही उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के एक निजी अस्पताल का पंजीकरण रद्द किए जाने के बाद सोमवार को कई निजी हॉस्पिटल में खलबली मच गई है। ऐसे अब ऐसे निजी अस्पताल अपने अधूरे मानक पूरे करने में जुट गए हैं। जिले में संचालित कई निजी क्लिनिक व हॉस्पिटल मानकों को ताक पर रख कर संचालित हैं। साथ ही कई निजी हॉस्पिटल का निर्माण धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होने के कारण जिले में संचालित निजी क्लिनिकों के द्वारा मरीजों को लूटने का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है लेकिन वे खामोश रहते हैं। यहां तक कि कई ऐसे निजी क्लीनिक और अस्पतालों में निकास और आपातकाल की व्यवस्थाएं भी नहीं हैं। स्वास्थ्य के मानकों के पूरा होने की बात तो कोसों दूर है। उल्लेखनीय है कि बड़ौत के मेट्रो हॉस्पिटल का सामने आ चुका है, जहां इकोनॉमिक्स में एमए पास करने वाला हॉस्पिटल का मैनेजर सर्जन का काम कर रहा था। उसने सिलाना गांव की एक गर्भवती महिला का दो बार ऑपरेशन किया, लेकिन उसे जरा सा भी आराम नहीं मिला। पति अरुण ने महिला का पीजीआइ चंडीगढ़ में इलाज कराया तो गलत ऑपरेशन की बात सामने आई। इसके बाद महिला के पति ने वकील के माध्यम से अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग को नोटिस भिजवाया। इसके बाद सीएमओ ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इस बारे में सीएमओ बागपत डॉ. आरए टंडन का कहना है कि जिले में संचालित हॉस्पिटलों और क्लिनिकों की जांच के लिए समय-समय पर छापामारी कर जांच की जाती है। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। हिन्दुस्थान समाचार/ गौरव साहनी/ रामानुज-hindusthansamachar.in