बहनों ने किया चाईनीज राखियों से किनारा
बहनों ने किया चाईनीज राखियों से किनारा
उत्तर-प्रदेश

बहनों ने किया चाईनीज राखियों से किनारा

news

नजीबाबाद (बिजनौर), 31 जुलाई (हि.स.)। भाई-बहन के अटूट स्नेह का प्रतीक रक्षा बंधन का पावन पर्व जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे-वैसे बाजारों में राखियों की खरीदने के लिए बहनों की भीड़ भी बढ़ती जा रही है। रंग-बिरंगी मनमोहक राखियों से बाजार सज गए हैं। बहनों ने इस बार चाईनीज राखियों से किनारा कर लिया है और वह स्वदेशी राखी खरीद रही है। रक्षा बंधन के पावन पर्व की रौनक नगर के बाजारों में दिखाई देने लगी है। हर ओर सजी रंग-बिरंगी राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। संजय, राकेश शर्मा, मयूर, दीपक शर्मा व सुदेश आदि राखी विक्रेताओं ने बताया कि इस बार चीन की राखियां बाजार में कम आई है। उन्हें भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। स्वदेश में बनी जरकन, मैटल, स्टोन व मोती आदि सामग्री से बनी ंराखियां भी खरीदार बहनों की पसंद बनी हुई हैं। बहनें इस बार चाईनीज राखियां नहीं खरीद रही है। राखी खरीदने से पहले पूछ ही लेती हें कि चीन की बनी राखियां तो नहीं हैं। बाजार में पांच रूपये से लेकर 60 रुपये तक कीमत वाली राखियां उपलब्ध हैं। महंगी राखियों को नहीं मिल रहे ग्राहक जहां एक ओर राखी के खुदरा व्यापारी राखियों की बिक्री से खुश है, वही महंगी राखी बनाकर बेचने वालों के चेहरे इस बार बिक्री ना के बराबर होने से मायूस है। सर्राफा व्यापारी सुभाष चंद बताते हैं कि महंगाई का असर इस बार राखियों की बिक्री पर भी पड़ा है। हर बार वह चांदी की राखियां बनाते हैं, जिसकी कीमत पांच सौ से छह सौ यपये के बीच होती है। इस बार बाजार में इन महंगी राखियों के खरीदार दिखाई नहीं दे रहे हैं। फिर भी बाजारों में राखियों की खरीदारी करने के लिए उमड़ी प्राची गौतम, पूजा, साक्षी, चक्षु, खुशबू, आयुषी शर्मा व प्रियंका आदि ने बताया कि राखी खरीदते समय वह बजट का नहीं, बल्कि अपने भाईयों की पसंद का ध्यान रखती हैं। इस बार चीन की बनी राखियों को नहीं खरीदेंगी। हिन्दुस्थान समाचार/रिहान अन्सारी-hindusthansamachar.in