बलिया : री-वेरिफिकेशन में खुलासा, पीएम आवास के लिए बड़े पैमाने पर अपात्रों का हुआ पंजीकरण
बलिया : री-वेरिफिकेशन में खुलासा, पीएम आवास के लिए बड़े पैमाने पर अपात्रों का हुआ पंजीकरण
उत्तर-प्रदेश

बलिया : री-वेरिफिकेशन में खुलासा, पीएम आवास के लिए बड़े पैमाने पर अपात्रों का हुआ पंजीकरण

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- पीएम आवास की पंजीकृत सूची का सत्यापन शुुुरु - सीडीओ ने दी थी न्याय पंचायत वार जिम्मेदारी, गांवों में मचा है हड़कम्प बलिया, 10 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे जिले में पंजीकृत 1.38 लाख परिवार का दोबारा सत्यापन का कार्य शुरू हुआ तो गड़बड़ियां मिलने लगी हैं। मुख्य विकास अधिकारी विपिन कुमार जैन ने इसके लिए गुरुवार को एक अभियान चलाया, जिसके तहत जिले के सभी 163 न्याय पंचायतों में री-वेरिफिकेशन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को उतार दिया गया था। सीडीओ के निर्देश पर अधिकारी जिन-जिन ग्राम पंचातयों में पहुंचे, वहां हड़कम्प की स्थिति बनी रही। माना जा रहा है कि इस सत्यापन के दौरान करीब 50 से 60 फीसदी अपात्र मिले, जिनका रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है। सीडीओ जैन ने स्पष्ट कहा, चूंकि पंजीकरण पंचायत सचिव को मिले यूजर आइडी पासवर्ड के जरिए आवास प्लस ऐप पर किया गया है, लिहाजा उनकी जवाबदेही अवश्य तय की जाएगी। बता दें कि सीडीओ श्री जैन का पूरा जोर पात्रों को ही आवास योजना का लाभ देने पर है। उनकी स्पष्ट मंशा है कि किसी अपात्र को किसी हालत में आवास नहीं मिले। इसके लिए उन्होंने सभी न्याय पंचायत स्तर पर अधिकारियों को दोबारा सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी। इस क्राॅस वेरिफिकेशन के कार्य में जिला स्तरीय अधिकारी, तहसील व ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी थे। ये सभी अधिकारी एक साथ गुरूवार को फील्ड में उतरे और रैण्डम तरीके से सत्यापन किया। दुबहड़ ब्लाॅक में सीडीओ तो गड़वार में पीडी की थी नजर ग्राम पंचायतों में शुरू हुए इस री-वेरिफिकेशन कार्य पर नजर रखने के लिए सीडीओ विपिन जैन स्वयं विकास खंड दुबहड़ में थे। वहीं से ग्राम पंचातयों में हो रहे सत्यापन कार्य के बारे में लगातार जानकारी लेते रहे। इसी तरह परियोनजा निदेशक डीएन दूबे गड़वार ब्लाॅक तथा डीडीओ चिलकहर में थे। प्रधानमंत्री आवास के इस तरह हो रहे सत्यापन से पंचायत सचिवों की नींद उड़ी हुई है। सत्यापन के होंगे तीन चरण सीडीओ विपिन कुमार जैन ने कहा कि इस दोबारा सत्यापन के तीन चरण होंगे। पहला, जिला या तहसील या ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी सत्यापन करेंगे। दूसरा, अगर कोई अपात्र मिलता है तो उसकी रिपोर्ट देंगे और तीसरा, अपात्र का रजिस्ट्रेशन करने वाले जिम्मेदार की जवाबदेही तय होगी। साफ किया है कि दोष के हिसाब से दण्ड का भी प्राविधान होगा। अपात्रों के चयन पर जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई : सीडीओ सीडीओ विपिन कुमार जैन का पूरा ध्यान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रों को लाभ देकर हर गरीब को पक्का छत उपलब्ध कराने पर है। ग्रामीण की तरह शहरी क्षेत्र के हर पात्र को लाभ मिले, इसके लिए उन्होंने सभी नगरीय निकाय के अधिशासी अधिकारियों की एक बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपात्र का नाम चयन भी हुआ तो ठीक नहीं। ऐसी शिकायत मिली जिम्मेदार पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से अगर पात्रों का चयन हो तो हर गरीब के पास पक्का छत हो जाएगा। बस इसके प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश-hindusthansamachar.in