फिल्म नीति को और आकर्षक बनाने के लिए सुझावों का स्वागत: योगी आदित्यनाथ
फिल्म नीति को और आकर्षक बनाने के लिए सुझावों का स्वागत: योगी आदित्यनाथ
उत्तर-प्रदेश

फिल्म नीति को और आकर्षक बनाने के लिए सुझावों का स्वागत: योगी आदित्यनाथ

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-कहा-हमारे लिए सिनेमा भारत की सभ्यता और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का माध्यम -फिल्म सिटी परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाने का होगा काम लखनऊ, 22 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश में डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट (फिल्म सिटी) जोन की स्थापना के सम्बन्ध में फिल्म जगत से जुड़े लोगों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में फिल्म नीति लागू की है। राज्य सरकार इस नीति को और आकर्षक बनाने के सम्बन्ध में फिल्म जगत के प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले सुझावों का स्वागत करेगी। हमारे लिए सिनेमा भारत की सभ्यता और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक माध्यम है। डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट जोन के रूप में विकसित की जाएगी फिल्म सिटी इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार फिल्म सिटी परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करेगी। इस फिल्म सिटी को डेडिकेटेड इन्फोटेनमेण्ट जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां वर्ल्ड क्लास डेटा सेण्टर भी बनाए जाएंगे। इससे आने वाले समय में इण्टरनेट इनेबल्ड कण्टेण्ट डिस्ट्रीब्यूशन तथा वर्चुअल रियलिटी आदि, जोकि सॉफ्टवेयर व डेटा डिपेण्डेण्ट होते हैं, के लिए फ्यूचर प्रूफ व्यवस्था प्रारम्भ से उपलब्ध हो सकेगी। उप्र भारतीय संस्कृति और परम्परा का केन्द्र बिन्दु मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति और परम्परा का केन्द्र बिन्दु है। प्राचीन पौराणिक काल खण्ड से लेकर अर्वाचीन समय में देश की आजादी की लड़ाई में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी काशी, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि, गंगा-यमुना के संगम की स्थली उत्तर प्रदेश में है। नैमिष तीर्थ जहां श्रीमद्भागवत पुराण का सर्वप्रथम वाचन हुआ, वह भी उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि शुक्र तीर्थ, चित्रकूट तथा श्रृंगवेरपुर आदि भी हमारे राज्य में हैं। स्वाभाविक रूप से वैदिक काल से लेकर वर्तमान काल खण्ड तक भारतीय परम्परा, संस्कृति और सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण धरती उत्तर प्रदेश रही है। बुद्ध, महावीर और कबीर विश्व को उत्तर प्रदेश की देन हैं। गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियां भी दुनिया को उत्तर प्रदेश दे रहा है। राज्य ने प्रत्येक काल खण्ड में योगदान किया है। कुम्भ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में दी मान्यता मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है। कुम्भ के सम्बन्ध में मान्यता है कि इस आयोजन में देवी-देवता संगम तट पर स्नान करते हैं। प्रयागराज कुम्भ के आयोजन के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री जी ने इसे एक यूनीक इवेंट के तौर पर प्रस्तुत करने तथा अतीत में इस आयोजन से जुड़ी दुर्व्यवस्था, दुर्घटना, असुरक्षा और गन्दगी की छवि को दूर करने के लिए योजना बनाकर कार्य करने की बात कही थी। इस उद्देश्य के साथ वर्तमान राज्य सरकार ने कार्य प्रारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2019 के आयोजन को कुम्भ का नाम दिया, क्योंकि अधूरा हम लोगों में कुछ नहीं होता। हम आधे में नहीं, पूर्ण में विश्वास करते हैं। हमारी संस्कृति में पूर्णता से प्रारम्भ और पूर्णता से ही समापन होता है। ‘ऊं पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।’ यह है भारत की वास्तविक परम्परा। इसलिए कुम्भ नामकरण किया गया। प्रथम बार कुम्भ का ‘लोगो’ निर्धारित किया गया। भारतीय होने पर गौरव का अनुभव करते हुए टेक्नोलाॅजी को अपनाकर और बेहतर करने के भाव के साथ स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ की अवधारणा को साकार किया गया। यह आयोजन अत्यन्त सफल रहा। प्रस्तावित फिल्म सिटी भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिक काल, रामायण काल के स्थानों सहित महाभारत काल का हस्तिनापुर भी उत्तर प्रदेश में ही है। शकुन्तला पुत्र भरत के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। यह हस्तिनापुर के आसपास का क्षेत्र था। इसलिए जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रस्तावित फिल्म सिटी भारत की पहचान का प्रतीक बनेगी। यह यमुना और गंगा के बीच का भू-भाग है। इस क्षेत्र ने राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मध्य काल में जब हमले हो रहे थे, तब भी यह क्षेत्र लड़ता रहा, जूझता रहा। देश की आजादी में भी इस क्षेत्र की भूमिका को कोई नकार नहीं सकता है। प्रथम स्वतंत्रता समर से लेकर उसके बाद के काल खण्ड में इस भू-भाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एक संस्कृति कर्मी और एक रंगकर्मी की दृष्टि से यदि फिल्म सिटी के प्रस्तावित स्थल को देखें तो यह भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा के नजदीक है। यह सम्पूर्ण क्षेत्र भारत की वैदिक, पौराणिक एवं आध्यात्मिक परम्पराओं को जोड़ता है। उप्र अपार सम्भावनाओं वाला प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार सम्भावनाओं वाला प्रदेश है। 24 करोड़ की आबादी के साथ जनसंख्या की दृष्टि से यह देश का सबसे बड़ा राज्य है। प्रकृति और परमात्मा की इस पर असीम कृपा है। हिन्दी यहां सामान्य बोल-चाल की भाषा है। लेकिन, हमारे राज्य में 04 बोलियां हैं। पूरब में भोजपुरी, मध्य में अवधी, पश्चिम में ब्रज भाषा और बुन्देलखण्ड में बुन्देलखण्डी। प्रदेश की सीमा से लगे अन्य राज्यों की स्थानीय बोलियां भी हमसे जुड़ी हैं। समय की आवश्यकता है कि भारतीय सिनेमा को एक नया मंच मिले। सिनेमा के जरिए संस्कृति और भारतीय परम्परा से जुड़ता है सामान्य व्यक्ति उन्होंने कहा कि वे सभी संस्कृति और भारतीय परम्परा को एक मंच देकर आने वाली पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। सामान्य व्यक्ति ग्रन्थ नहीं पढ़ सकता, सामान्य व्यक्ति इतिहास के पन्नों को नहीं पलट सकता। लेकिन, सिनेमा के माध्यम से वह संस्कृति और भारतीय परम्परा से जुड़ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को जोड़ने में भारतीय सिनेमा का महत्वपूर्ण योगदान है। भारतीय सिनेमा ने देश के बाहर भी भारत की संस्कृति और सभ्यता को पहुंचाने का कार्य किया है। भारतीय दृष्टिकोण के साथ भारत की सभ्यता और संस्कृति को पूरे देश में गौरव और मर्यादा के साथ पहुंचाना आवश्यक है। भारतीय सिनेमा को अपनी प्रस्तुतियों को उस दिशा में अग्रसर करने की जरूरत है। भारतीय फिल्म जगत के अनेक महानुभाव भी ऐसा चाहते हैं। सिनेमा का अच्छा योगदान पीढ़ियां करती हैं याद मुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा का अच्छा योगदान पीढ़ियां याद करती हैं। भारत की प्रथम फीचर फिल्म राजा हरिश्चन्द्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हरिश्चन्द्र नाटक ने गांधी जी को अत्यन्त प्रभावित किया था। अच्छी फिल्में और नाटक व्यक्ति के जीवन में व्यापक बदलाव लाते हैं। अच्छे धारावाहिकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर तक रामायण, महाभारत और चाणक्य की पहुंच हो गयी थी। रामायण और महाभारत धारावाहिक का प्रसारण अत्यन्त लोकप्रिय सिद्ध हुआ था। धारावाहिक चाणक्य देखकर लोगों को अपनी परम्परा और संस्कृति का एहसास होता है। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध है। जेवर, जनपद गौतमबुद्ध नगर में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट लगभग 5,000 एकड़ भूमि में निर्मित होने जा रहा है। इसका कार्य अगले माह प्रारम्भ होने जा रहा है। यह हवाई अड्डा ग्रीनफील्ड इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2023 तक इसे फंक्शनल कर दिया जाए। इस क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अन्य कार्य भी किये गये हैं। इस सम्पूर्ण क्षेत्र में मेट्रो तथा 4-लेन रोड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। मेट्रो की आधुनिक सुविधाओं के साथ ही इस क्षेत्र को जोड़ने जा रहे हैं। फिल्म सिटी से आगे जाकर भी बहुत कुछ होगा उपलब्ध नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तथा यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के साथ बैठक की गयी हैं। यह केवल फिल्म सिटी तक ही सीमित नहीं रहेगा। हम वहां वर्ल्ड क्लास इलेक्ट्राॅनिक सिटी देने जा रहे हैं। साथ-साथ वर्ल्ड क्लास फाइनेंशियल सिटी भी प्रस्तावित करने जा रहे हैं, जहां हर प्रकार की आर्थिक और वित्तीय गतिविधियों का संचालन किया जा सकेगा। प्रत्येक क्षेत्र में वायु सेवा का कराया जा रहा विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि हर एक के उत्थान और पतन का अपना समय होता है। यह धर्मचक्र है, जिसके साथ उत्थान और पतन जुड़ा है। हम उससे अलग होकर स्वयं को नहीं देख सकते। इसलिए यदि बुरा हुआ है, तो अच्छा भी हुआ है। हमें अच्छे और बुरे के बीच अच्छेपन के लिए रास्ता निकालना है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में 02 हवाई अड्डे फंक्शनल थे तथा एक एयरपोर्ट कभी-कभी संचालित होता था। आज हमारे यहां 07 एयरपोर्ट फंक्शनल हैं और 25 हवाई अड्डों पर कार्य चल रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में वायु सेवा का विस्तार कराया जा रहा है। आजमगढ़ को वायु सेवा से जोड़ने के लिए कार्य हो रहा है। चित्रकूट में एक हवाई अड्डा बन रहा है। अयोध्या में एक बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है। कुशीनगर में नया अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आगामी डेढ़-दो माह में फंक्शनल हो जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/ रामानुज-hindusthansamachar.in