प्रधानमंत्री के समीक्षा बिन्दुओं ‘‘प्रगति’’ के लम्बित प्रकरणों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
प्रधानमंत्री के समीक्षा बिन्दुओं ‘‘प्रगति’’ के लम्बित प्रकरणों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
उत्तर-प्रदेश

प्रधानमंत्री के समीक्षा बिन्दुओं ‘‘प्रगति’’ के लम्बित प्रकरणों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

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-समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश लखनऊ, 10 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के समीक्षा बिन्दुओं ‘‘प्रगति’’ के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी लम्बित मामलों के समयवद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव को बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य के स्तर पर कार्यवाही हेतु 354 बिन्दुओं पर निर्देश दिए गए थे जिसमें से 278 प्रकरणों का शत-प्रतिशत तथा 76 प्रकरणों का आंशिक निस्तारण किया जा चुका है। बैठक में इन्हीं 76 प्रकरणों में से राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा, वन, नियोजन, खाद्य एवं रसद व आई.टी. एवं इलेक्ट्राॅनिक्स के 46 प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव श्री तिवारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि लम्बित प्रकरणों में समयबद्ध एवं तत्परता के साथ कार्यवाही कर निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पूर्णतया निस्तारित कराएं। उन्होंने कहा कि जो प्रकरण पूर्णतया निस्तारित किये जा चुके हैं, सम्बन्धित विभाग अपने स्तर पर बैठक कर पुनः समीक्षा कर लें, कि उनमें अब कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। उन्होंने ‘‘प्रगति’’ के बिन्दुओं से सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि कृत कार्यवाही की अद्यतन स्थिति का अद्यावधिक स्टेटस नियोजन विभाग को समय से उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें ‘‘प्रगति’’ वेब पोर्टल पर अपलोड कराया जा सके। विभागवार प्रकरणों की समीक्षा में राजस्व विभाग के 33, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के 41, लोक निर्माण विभाग के 14, ऊर्जा के 25, वन के 19, नियोजन के 07, खाद्य एवं रसद के 05 तथा आई.टी. एवं इलेक्ट्राॅनिक्स के 02 इश्यूज पूर्णतया निस्तारित किया जाना बताया गया। राजस्व विभाग के 14, चिकित्सा स्वास्थ्य के 01, लोक निर्माण विभाग के 15, ऊर्जा का 01, वन विभाग के 03, नियोजन के 08, खाद्य एवं रसद के 03 तथा आई.टी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स का 01 इश्यू आंशिक रूप से निस्तारित होना बताया गया। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार ये प्रकरण 1320 मेगावाट टाण्डा थर्मल पावर प्रोजेक्ट, फोर लेनिंग आॅफ घाघरा ब्रिज (वाराणसी सेक्शन एन.एच-233), देवबंद-रूड़की नई रेललाइन, फोर लेनिंग ऑफ वाराणसी-गोरखपुर सेक्शन ऑफ (एन.एच.-203), टू-लेन अलीगढ़-मुरादाबाद सेक्शन (एन.एच.-93), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (एन.एच.-24), फोर लेनिंग ऑफ सुल्तानपुर-वाराणसी सेक्शन ऑफ (एन.एच.-56), फोर लेनिंग ऑफ वाराणसी-गोरखपुर सेक्शन ऑफ (एन.एच.-29), सिक्स लेनिंग ऑफ वाराणसी-औरंगाबाद सेक्शन ऑफ (एन.एच.-2), मऊ-तरीघाट न्यू रेललाइन, फोर लेनिंग ऑफ रामपुर-रूद्रपुर सेक्शन ऑफ (एन.एच.-87), फोर लेनिंग अलीगढ़-कानपुर सेक्शन ऑफ (एन.एच.-91), फोर लेनिंग ऑफ नगीना-काशीपुर सेक्शन ऑफ (एन.एच.-74), डबलिंग ऑफ रोजा-सीतापुर कैन्ट-बुढ़वल रेल लाइन तथा सिक्स लेनिंग ऑफ चकेरी-इलाहाबाद सेक्शन ऑफ (एन.एच.-2) आदि से सम्बन्धित हैं। बैठक में सम्बन्धित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी-hindusthansamachar.in