पोस्ट कोविड भवन निर्माण में डिजायन ऑटोमेशन आवश्यक : के.के. अस्थाना
पोस्ट कोविड भवन निर्माण में डिजायन ऑटोमेशन आवश्यक : के.के. अस्थाना
उत्तर-प्रदेश

पोस्ट कोविड भवन निर्माण में डिजायन ऑटोमेशन आवश्यक : के.के. अस्थाना

news

- वायरस की रोकथाम वाली निर्माण सामग्री का प्रयोग करें भवन निर्माता : प्रो अग्रवाल झांसी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित वास्तु कला एवं नगर नियोजन संस्थान में शुक्रवार को ‘आर्किटेक्चरल हार्डवेयर प्रोडक्टस एण्ड देयर टेकनिकल आस्पेक्ट’ विषयक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में मुख्य वक्ता नेशनल काउंसिल ऑफ इंडियन आर्किटेक्ट के सदस्य तथा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पूर्व मुख्य वास्तुकार आर्कि. के.के. अस्थाना ने इंपैक्ट ऑफ कोविड-19 ऑन आर्किटेक्चर डिजाइन विषयक अपने वक्तव्य में बताया कि कोविड-19 के दौर तथा उसके पश्चात भवन निर्माण में कंप्यूटराइज्ड डिजाइन ऑटोमेशन की अत्यंत आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होने कहा कि कोविड-19 को अभी तक पूरी तरह समझा भी नहीं गया है और इसके प्रभाव का आकलन होना अभी शेष है। इस आस्था में जबकि हमारे पास इसकी कोई दावा या वैक्सीन नहीं है, बचाव ही एक मात्र तरीका है। आर्कि. के.के. अस्थाना ने कहा कि वर्तमान में आर्किटेक्ट किसी भवन का डिजाइन करते समय उसे इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि प्रस्तावित भवन में आगंतुक जब भी घर में प्रवेश करें या बाहर जाएं तो उसके संपूर्ण शरीर के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था हो तथा वर्तमान को कोविड के खतरे को देखते हुए प्रत्येक भवन में आवश्यकता पड़ने पर आइसोलेशन हेतु कमरों की व्यवस्था में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ के स्कूल आफ आर्किटेक्चर एंड प्लैनिंग संस्था के संकायाध्यक्ष प्रो. मोहित कुमार अग्रवाल ने पोस्ट कोविड सेनेरिओ इन बिल्डिंग ऑटोमेशन विषयक अपने व्याख्यान में बताया कि वर्तमान में भवन निर्माताओं तथा वास्तुकारों को इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले सामान से कोविड या इस प्रकार की कोई संक्रामक बीमारियों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सी॰एफ॰एल॰ और एल.ई.डी. लाइट के स्थान पर सी.यू.व्ही.लाइट का उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लाइट हवा में उपस्थित विभिन्न प्रकार के माइक्रोब्स के डी.एन.ए. को नष्ट कर देता है, जबकि मानव तथा खाद्य पदार्थों पर यह प्रभावहीन रहता है। उन्होने कहा कि इसके अतिरिक्त वातानुकूलैन सयंत्रों का प्रयोग करते समय हमे उस विधि का उपयोग करना चाहिए जिससे कोरोना सरीखी बीमारियों के फैलने की संभावना न हो। किच आर्किटेक्चरल प्रॉडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के दिल्ली तथा एन.सी.आर. के मार्केटिंग आयुष तोमर ने विभिन्न प्रकार के आर्किटेक्चरल हार्डवेयर पर चर्चा की तथा उन्होंने कहा की आज आवश्यकता इस बात की है की भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न प्रकार के हार्ड वेयर इस प्रकार निर्मित किए जाएं कि उन पर फंगस या बैक्टीरिया न तो उत्पन्न हो और न ही उनका विकास हो सके। इसके अतिरिक्त प्रयोग किए जाने वाले हार्डवेयर निर्मित भवनो में स्वच्छ तथा बैक्टीरिया मुक्त वातावरण का निर्माण करने में सहायक हो। आज के कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वास्तु कला एवं नगर नियोजन संस्थान के विभागाध्यक्ष आर्कि. संदीप मिश्रा ने कार्यक्रमके अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा उन्होंने वर्तमान समय में विषय के महत्व पर चर्चा की। विभागाध्यक्ष आर्कि. संदीप मिश्रा ने आमंत्रित अतिथियों का वेबिनार के प्रतिभागियों से परिचय कराया। कार्यक्रम का संचालन आर्कि. संदीप मिश्रा ने किया जबकि कार्यक्रम के अंत में आर्कि॰सुरजीत सिंह ने आमंत्रित अतिथियों, वक्ताओं तथा प्रतिभागियाओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस वेबिनार में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वास्तु कला एवं नगर नियोजन संस्थान के सभी शिक्षको के अतिरिक्त अन्य विभागो के शिक्षक तथा छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/मोहित-hindusthansamachar.in