पोषण माह का ओपचारिक शुभारंभ हुआ
पोषण माह का ओपचारिक शुभारंभ हुआ
उत्तर-प्रदेश

पोषण माह का ओपचारिक शुभारंभ हुआ

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कन्नौज,07सितंबर(हि. स.)। भारत के भविष्य को मजबूत कर विश्व पटल पर देश को वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करना हमारी जिम्मेदारी है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस पोषण माह की उपयोगिता सार्थक करें। कुशाग्र बुद्धि व ताकतवर शरीर से ही बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। यह उद्गार आज सांसद सुब्रत पाठक ने 01 सितंबर 2020 से 30 सितंबर 2020 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार में फीता काटते हुए उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के संबोधन में व्यक्त किये। उन्होंने कहा बच्चे के माँ की गर्भावस्था एवं आने के उपरांत 2 वर्ष कुल 1000 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे का भविष्य बचपन में दिए जाने वाले अच्छे पोषण पर निर्भर करता है उन्होंने कहा की मां मातृशक्ति है और मां स्वयं जिम्मेदार तो होती ही है परंतु समय व वातावरण के अभाव में यदि किसी कारण कमी आती है तो हमारी सरकार उसके साथ है। उन्होंने कहा कि आज हम अपने बच्चों का भविष्य सुधारें तभी हम आगे आने वाले कल का भविष्य उज्जवल कर सकते हैं और भारत को विश्व पटल पर वैश्विक शक्ति बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस माह में सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं अपना पूर्ण योगदान सुनिश्चित करते हुए डोर टू डोर जाकर जनपद में कुपोषित बच्चों को चिन्हित करें एवं उनको सुपोषण की राह पर लाएं इसी के साथ ही गर्भवती माताओं के गर्भ धारण करते ही उनके पूर्ण पोषण एवं आहार की जानकारी उन्हें दें जिससे आने वाले भविष्य में वह बच्चे अपना वर्चस्व स्थापित कर सकें। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने कहां कि राष्ट्रीय पोषण माह तभी सफल हो सकता है जब सभी संबंधित विभाग एवं आईसीडीएस विभाग पूर्ण जज्बे से कार्य करें और मजबूर माताओं का सहयोग कर उन्हें पोषण की राह पर लाएं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के अनुसार यदि हम एक बेटे को शिक्षित करते हैं तो एक आदमी ही शिक्षित होता है और यदि एक बेटी को शिक्षित करते हैं तो पूरा परिवार शिक्षित होता है उसी प्रकार बच्चे के जन्म के प्रथम हजार दिन उसका भविष्य निर्धारित करते हैं और यदि हम इस अवधि में हम अपनी आने वाली पीढ़ी को कुपोषण से मुक्त कर दें तो हमारा भविष्य उज्जवल होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म लेने से व्यक्ति की मृत्यु तक सभी के साथ एवं सहयोग हेतु शासन ने योजनाएं संचालित कर रखी है और यदि हम सभी प्राण करते हुए सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर योजनाएं संचालित कर रखी है और यदि हम सभी अपना कर्तव्य मानते हुए सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझकर कार्य करें तो वह दिन दूर नहीं होगा की हम जनपद के प्रत्येक व्यक्ति को शासन की योजनाओं से लाभान्वित कर पाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी आर एन सिंह एवं प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम कटियार ने भी पोषण माह के संबंध में आवश्यक जानकारियां देते हुए इस माह को कुशल बनाने हेतु आवश्यक बातें कहीं एवं सभी उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का उत्साह वर्धन भी किया। अपने तकनीकी संबोधन में टीएसयू यूपी के प्रतिनिधि डॉ अंकित सिंह ने जानकारी दी कि जिले में इस समय कुल 171923 बच्चे है जिनमे से 2969 कुपोषित और 539 बच्चे अति कुपोषित हैं। इन सभी को स्वस्थ बनाना और एक बार फिर चिन्हांकन करके बच्चो को स्वस्थ और सुपोषित बनाना ही इस अभियान का लक्ष्य है। हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/मोहित-hindusthansamachar.in