पूर्वांचल का संपूर्ण विकास: नवंबर में सामने आएगा तैयार खाका
पूर्वांचल का संपूर्ण विकास: नवंबर में सामने आएगा तैयार खाका
उत्तर-प्रदेश

पूर्वांचल का संपूर्ण विकास: नवंबर में सामने आएगा तैयार खाका

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आमोदकान्त गोरखपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। आजादी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह का कार्यकाल के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार में पूर्वांचल के विकास को गति मिलनी शुरू हुई है। पहली बार ऐसा प्रयास होने जा रहा है, जिसमें पूर्वांचल के सर्वांगीण विकास का तैयार खाका नवंबर माह में सामने आएगा। मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार केवी राजू एवं नियोजन विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में इस कार्य योजना को तैयार किया गया है। तैयारी के मुताबिक नवंबर महीने में इसे अमलीजामा पहनाने को तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। संगोष्ठी के प्रारंभ और अंतिम सत्र में स्वयं योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ‘पूर्वांचल का विकास: मुद्दे, रणनीति व भावी दिशा विषय पर 27 से 29 नवंबर तक तीन दिनी वेबिनॉर होगा। इसके लिए जगह भी निश्चित कर ली गई है। गोरखपुर स्थित पंडित दीनदयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर को चुना गया है। शामिल होंगे केंद्र-राज्य सरकारों के कई मंत्री-विशेषज्ञ राष्ट्रीय संगोष्ठी में केंद्र एवं राज्य सरकार के कई मंत्री, शासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्रख्यात शिक्षाविद और ख्याति प्राप्त गैर सरकारी संगठनों व विशेषज्ञ संस्थाओं के प्रतिनिधि ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। निर्धारित विषयों पर शोधपत्र, सक्सेस स्टोरी भी चर्चा के हिस्सा बनेंगे। हालांकि, यह आयोजन पूर्णबन्दी के पूर्व होना था, लेकिन कोविड संक्रमण के कारण तैयारियां धरी रह गई। पांच क्षेत्रों का हुआ है सर्वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक बार फिर इस पर जोर है। पिछले कुछ महीनों के बीच काफी अध्ययन और सर्वे के बाद पूर्वांचल के प्राथमिक क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र, सेवा क्षेत्र सामाजिक क्षेत्र व जल क्षेत्र की चुनौतियों को चिह्नित किया गया है। इन सभी पांच सेक्टर पर चर्चा के लिए अलग-अलग तकनीकी सत्र होगा। इन सत्रों का समन्वय संबंधित सेक्टर को लीड करने वाले शासन के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी होंगे। यहां प्राप्त सुझावों से पूर्वांचल की प्रमुख चुनौतियों से निपटने की रणनीति तैयार कर उस पर अमल की कार्रवाई होगी। कृषि विषयों पर भी होगी चर्चा पूर्वांचल विकास बोर्ड के लिए कार्य-योजना बनाने लिए आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय सेमिनार में प्राथमिक क्षेत्र में कृषि व उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इस सत्र का समन्वय अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी करेंगे। विनिर्माण क्षेत्र में यह होगा चर्चा का विषय विनिर्माण क्षेत्र में भारी व लघु उद्योग, ऊर्जा, रियल एस्टेट, राजस्व, खनन, शहरी विकास आदि सेक्टर की मुश्किलों व संभावनाओं पर चर्चा होगी। इस सत्र के समन्वय की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार व अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन नवनीत सहगल को संयुक्त रूप से दी गई है। 28 जिलों पर होगा मंथन गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, अमेठी, श्रावस्ती, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, बस्ती, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, कौशांबी, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, संतकबीर नगर, भदोही, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र जिलों के विकास पर चर्चा होगी। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद/राजेश-hindusthansamachar.in