पीएम व सीएम केयर फंड को लेकर टिप्पणी करने वाले शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द
पीएम व सीएम केयर फंड को लेकर टिप्पणी करने वाले शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द
उत्तर-प्रदेश

पीएम व सीएम केयर फंड को लेकर टिप्पणी करने वाले शिक्षक के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द

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प्रयागराज, 10 सितम्बर (हि.स)। सोशल मीडिया पर पीएम और सीएम केयर फंड पर टिप्पणी करने वाले शिक्षक नेता को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए इस मामले में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। यह आदेश शिक्षक नेता नंद लाल यादव की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति अनिल कुमार नवम की पीठ ने दिया। एटा के मिरहची थाना क्षेत्र में स्थित इंटर कालेज के प्रधानाचार्य व शिक्षक नेता नंद लाल यादव ने पीएम केयर फंड की पारदर्शिता को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देश पर मिरहची थाने की पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जिसके खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की थी कि धारा 66ए आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। इसके बावजूद यूपी पुलिस इस धारा में मुकदमे दर्ज कर रही है। कोर्ट ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मानते हुए विवेचना अधिकारी को मय रिकॉर्ड के तलब किया था। याची का कहना था कि आईटी एक्ट की धारा 66ए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का स्पष्ट उल्लंघन है और श्रेया सिंघल के चर्चित केस में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 66ए को गैरकानूनी घोषित कर दिया था। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की पुलिस निरस्त धारा 66ए के तहत मुकदमा दर्ज कर आम लोगों को प्रताड़ित कर रही है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द कर दी है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/दीपक-hindusthansamachar.in