पिछले वर्ष से 5.57 लाख टन अधिक हुआ इस वर्ष यूरिया का वितरण
पिछले वर्ष से 5.57 लाख टन अधिक हुआ इस वर्ष यूरिया का वितरण
उत्तर-प्रदेश

पिछले वर्ष से 5.57 लाख टन अधिक हुआ इस वर्ष यूरिया का वितरण

news

लखनऊ, 12 सितम्बर (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने कहा है कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। यूरिया सहित अन्य उवर्रक की आपूर्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है तथा यह सुनिश्चित कराया जा रहा है कि कहीं पर भी इसकी कमी न रहे। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी ने शनिवार को बताया कि गत वर्ष 31 अगस्त 2019 तक उवर्रक मंत्रालय के पोर्टल के अनुसार 36.89 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता थी, जिसमें 12.62 लाख मीट्रिक टन सहकारिता विभाग का योगदान था एवं 29.12 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई थी। इस वर्ष 31 अगस्त 2020 तक जहां उपलब्धता 40.11 लाख मीट्रिक टन हुई है, जिसमें 12.85 लाख मीट्रिक टन सहकारिता विभाग का योगदान था। वहीं वितरण 34.63 लाख टन हो गया है। इस प्रकार यूरिया का वितरण गत वर्ष से लगभग 5.57 लाख टन इस वर्ष अधिक वितरण हुआ है। उन्होंने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत माह अप्रैल से जुलाई 2020 तक प्रत्येक माह राशन कार्डों पर निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया गया। अवरुद्ध प्रवासियों के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत मई से जुलाई 2020 तक प्रत्येक माह निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण हुआ। इसी योजना के अन्तर्गत अगस्त माह में 3.57 करोड़ राशन कार्डों के सापेक्ष कुल 03.39 करोड़ राशन कार्डों के 14.67 करोड़ यूनिट पर निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। अवरुद्ध प्रवासियों के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत अगस्त माह में कुल 2.88 लाख राशन कार्डों के सापेक्ष 2.48 लाख राशन कार्डों के 6.30 लाख यूनिट पर निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। इसी तरह 11 सितम्बर को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 3.58 करोड़ राशन कार्डों के सापेक्ष कुल 03.06 करोड़ राशन कार्डों के 12.88 करोड़ यूनिट पर खाद्यान्न वितरित किया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से कृषकों एवं कोविड के कारण विस्थापित कार्मिकों को प्रशिक्षण देने की योजना संचालित की जा रही है। अभी तक 311 कार्यक्रम आयोजित कर 9,610 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि प्रदेश में 5098 गोसंरक्षण केन्द्र में 5.14 लाख निराश्रित गोवंश संरक्षित किये गये हैं। विभाग द्वारा समस्त गोआश्रय स्थलों पर भरण-पोषण के लिए धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गयी है। जनपदों में कुल 3444 भूसा बैंक की स्थापना सुनिश्चित कर कुल 9.12 लाख कुन्तल भूसा की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गयी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में पुलिस, प्रशासन व अन्य विभागों की 12,019 वाहनों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है एवं 2471 स्थानों पर भी स्थायी लाउडस्पीकर की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने बताया कि कल शुक्रवार को 7,222 बसों के माध्यम से 10,11,000 लोगों ने यात्रा की। उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर 2020 को मनरेगा के अन्तर्गत प्रदेश की 53,592 ग्राम पंचायतों में 18.22 लाख मनरेगा श्रमिकों को रोजगार दिया गया। मनरेगा श्रमिकों के लिए 22.72 करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया एवं 4681.97 करोड़ रुपये मानदेय का भुगतान किया गया, जो देश के अन्य राज्यों में कार्यरत मनरेगा श्रमिकों की संख्या एवं किये गये भुगतान की तुलना उत्तर प्रदेश प्रथम है। उन्होंने बताया कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अन्तर्गत 11 सितम्बर तक 5.90 करोड़ मानव दिवस सृजित कर लिये गये हैं, 1785.08 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय एवं कार्यपूर्णता के लक्ष्य 1,93,420 कार्यों के सापेक्ष 1,78,873 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों के 1,00,020 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष 82,212 राजस्व ग्रामों में 1,11,987 कर्मियों के सहयोग से साफ-सफाई करायी गयी तथा नगरीय क्षेत्रों के 11,110 वार्डों में 88,022 कर्मियों के सहयोग से साफ-सफाई, कूड़ों का उठान, फाॅगिंग, ऐण्टी लार्वा का छिड़काव कराया गया, इससे वैक्टर जनित रोगों में कमी आई है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय/राजेश-hindusthansamachar.in