पंजीरी और लड्डू नहीं, बच्चों को अब मिलेगा देसी घी एवं मिल्क पाउडर
पंजीरी और लड्डू नहीं, बच्चों को अब मिलेगा देसी घी एवं मिल्क पाउडर
उत्तर-प्रदेश

पंजीरी और लड्डू नहीं, बच्चों को अब मिलेगा देसी घी एवं मिल्क पाउडर

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गाजियाबाद, 05 नवम्बर (हि.स.)। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को अब पंजीरी और लड्डू नहीं, बल्कि देसी घी और मिल्क पाउडर मिलेगा। शासन ने समेकित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) के सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशियन प्रोग्राम में बदलाव करके यह प्रावधान किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वाष्र्णेय ने बताया कि नई व्यवस्था के मुताबिक अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीरी, लड्डू आदि के स्थान पर सूखे राशन का वितरण किया जाएगा। इसमें देशी घी और मिल्क पाउडर का वितरण होगा। सितंबर और अक्टूबर माह के पुष्टाहार का वितरण दिवाली से पहले किया जाएगा। फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्र कोविड प्रोटोकॉल के चलते बंद हैं, इसलिए राशन का वितरण घर-घर जाकर किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में ढाई लाख लाभार्थियों को दिवाली से पहले इसका लाभ मिलेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों एवं गर्भवती व धात्री महिलाओं को अब पंजीरी नहीं मिलेगी, बल्कि दाल, चावल, गेहूं, दूध और देशी घी का वितरण किया जाएगा। 30 वर्षों से चली आ रही सप्लीमेंट न्यूट्रीशियन कार्यक्रम में राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। जनपद के 1,373 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छह साल तक के करीब 2.13 लाख बच्चे और 40000 गर्भवती महिलाओं को नए मेन्यू के तहत पुष्टाहार वितरण्होगा। सप्लीमेंट न्यूट्रीशियन कार्यक्रम में महिला सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। डीपीओ का कहना है कि नई व्यवस्था से स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा। गर्भवती महिलाओं, 11 से 14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं एवं बच्चों को गुणवत्तायुक्त पोषण स्थानीय परिवेश में उपलब्ध होगा। चयनित स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह के स्वरोजगार के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं का सशक्तीकरण होगा। ग्राम स्तर पर गठित निगरानी समिति इस कार्यक्रम पर नजर रखेंगी। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान अली-hindusthansamachar.in