नारी शक्ति का सम्मान करना है तो नारी शरीर का भी सम्मान करंे: मिनिस्टी एस
नारी शक्ति का सम्मान करना है तो नारी शरीर का भी सम्मान करंे: मिनिस्टी एस
उत्तर-प्रदेश

नारी शक्ति का सम्मान करना है तो नारी शरीर का भी सम्मान करंे: मिनिस्टी एस

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मिशन शक्ति अंतर्गत आयोजित हुआ महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम झांसी, 18 अक्टूबर(हि.स.)। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन के उद्देश्य से शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान का आगाज रविवार को जनपद के नगर निगम सभागार में किया गया। इस अभियान के अंतर्गत आईएएस मिनिस्टी एस व मुख्य विकास अधिकारी शैलेश कुमार की अध्यक्षता में महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य की अहम कड़ी माहवारी पर चर्चा करते हुये स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. विजयश्री शुक्ला ने बताया कि आज भी माहवारी को शर्म से जोड़ा जाता है, जबकि यह किसी भी किशोरी के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गर्व की बात है। यह प्रमाण है कि किशोरी आगे चलकर सृष्टि का सृजन करेंगी। लगभग 73 प्रतिशत किशोरियाँ में जब माहवारी शुरू होती है तो उन्हे इसके बारें में पता नहीं होता, जबकि इस पर खुलकर बात होनी चाहिए। साथ ही उन्होने बताया कि माहवारी के समय में विशेष रूप से स्वच्छता और प्रबंधन पर हर स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। महिलाओं में होने वाले कैंसर के बारें में डा. गरिमा पुरोहित ने जानकारी दी। उन्होने बताया कि महिलाओं में गर्भाशय कैंसर माहवारी से ही जुड़ा है। जब सही तरह से स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता तो वह आगे चलकर गर्भाशय कैंसर का रूप ले सकता है। इसके साथ ही कम उम्र में शादी भी गर्भाशय कैंसर के कारणों में से एक है। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव से बहुत सी महिलाओं में यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने इसके सही समय पर पहचान के लक्षणों के बारें भी बताया। अध्यक्षता कर रही लखनऊ से आई आईएएस मिनिस्टी एस कार्यक्रम की तारीफ करते हुये कहा कि दोनों डाक्टर के विडियो बनाकर इन विषयों के बारें में गाँव और स्कूल के स्तर पर चर्चा हो। उन्होंन बीडीओ को निर्देश दिये कि माहवारी पर चर्चा को मुख्यधारा में लेकर आएं। कम उम्र में शादी, बाल विवाह से महिला स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है इसके बारें में लोगों को जागरूक करें। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिये कि स्कूल में एक दिन निर्धारित करके हर हफ्ते महिला स्वास्थ्य पर चर्चा हो। मिशन शक्ति का उद्देश्य है नारी शक्ति का सम्मान तो नारी शक्ति का सम्मान तभी संभव है जब नारी शरीर का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में किशोरी के पिटारे के जरिये किशोरियों की समस्याओं का निदान भी किया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. महेंद्र सहित बाल विकास परियोजीना अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, आगनवाड़ी, आशा एवं एएनएम, व किशोरियां सहित अन्य महिलायें उपस्थित रहीं। हिन्दुस्थान समाचार/महेश-hindusthansamachar.in