नई शिक्षा नीति शहरी व ग्रामीण की खाईं पाटने में सक्षम
नई शिक्षा नीति शहरी व ग्रामीण की खाईं पाटने में सक्षम
उत्तर-प्रदेश

नई शिक्षा नीति शहरी व ग्रामीण की खाईं पाटने में सक्षम

news

छात्रों को मिलेगा मनपसंद विषय चुनने का अवसर मीरजापुर, 16 सितम्बर (हि.स.)। नई शिक्षा नीति शहरी और ग्रामीण में बंटी शिक्षा की खाईं को पाटने में सक्षम है। सब को समान शिक्षा का अवसर मिलेगा। जिसका वर्षों से इंतजार था। यही नहीं बालक-बालिकाएं अपनी पसंद और नापसंद विषय आधारित पाठ्यक्रम का भी चयन कर सकेंगे। इस शिक्षा से गरीब अमीर की जहां खाईं पटेगी वहीं व्यापक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करेगी। यह बातें माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को नई शिक्षा नीति-2020 पर डीआईओएस देवकी सिंह ने वेबीनार में संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि समाज को सक्षम आत्मनिर्भर बनाने में नई शिक्षा नीति भारत के बहुमुखी विकास में बहुपयोगी और सक्षम साबित होगी। उन्होंने जिले भर के शिक्षण संस्थान नई शिक्षा नीति का अध्ययन करके बच्चों में सक्षम और व्यापक दृष्टिकोण का विचार बीजारोपण करने का आह्वान किया। समन्वयक बापू उपरौध इंटरमीडिएट कालेज लालगंज के प्रधानाचार्य डॉ. धर्मजीत सिंह ने कहा कि लंबे समय बाद देश को नई शिक्षा नीति मिली है। जिससे बच्चे आत्मनिर्भर और सक्षम बनेंगे। सह समन्वयक प्रधानाचार्य संतोष सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति से जिले भर के शिक्षकों के मानस पटल पर नवाचार का बीजारोपण हुआ है। शिक्षक स्वयं नवाचारी के रूप में शिक्षण कार्य में लगेंगे। वक्ता अनीता यादव, डॉ. संजय मिश्रा, महेंद्र नाथ सोनकर, प्रमोद शंकर सिंह, निशा सिंह, स्नेहलता द्विवेदी, नम्रता सिंह, हरिगेंद्र कुशवाहा ने विचार रखे। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त-hindusthansamachar.in