ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील पर अंतरिम अर्जी तय होने तक कार्रवाई न करने का समादेश जारी
ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील पर अंतरिम अर्जी तय होने तक कार्रवाई न करने का समादेश जारी
उत्तर-प्रदेश

ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ अपील पर अंतरिम अर्जी तय होने तक कार्रवाई न करने का समादेश जारी

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मुख्य सचिव सहित प्राधिकरण उपाध्यक्षों व सभी जिलाधिकारियों को आदेश के अमल का निर्देश प्रयागराज, 16 अक्टूबर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध भवनो के ध्वस्तीकरण मामले में सामान्य (जनरल) आदेश जारी किया है और आदेश का पालन करने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव, सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों, सभी जिलाधिकारियों को आदेश की प्रति भेजने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ 30 दिन में विधिक अपील दाखिल करने की अवधि तक कार्यवाई न की जाय। अपील पर अंतरिम अर्जी दो हफ्ते में तय की जाय। अर्जी तय न होने तक ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगी रहेगी। ध्वस्तीकरण आदेश की प्रति मकान मालिक को दिया जाय। उसकी आपत्ति सुनकर फैसला लिया जाय। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने अब्बास अंसारी व जमशेद रजा की याचिका पर दिया है । याची का कहना है कि उसने 29 सितम्बर 2000 को जमीन का बैनामा कराया। 5 दिसम्बर को व्यावसायिक निर्माण का नक्शा पास कराने का आवेदन दिया। 31 दिसम्बर 2002 को कंपाउन्डिंग का अनुमोदन कर दिया गया। किन्तु बिना सुनवाई 15 सितम्बर 20 को अनुमोदन निरस्त कर दिया गया है और 16 सितंबर 20 को ध्वस्तीकरण की कारण बताओ नोटिस दी गयी। 8 अक्टूबर को एक हफ्ते में ध्वस्तीकरण की कार्यवाई का आदेश जारी किया गया है। जिसे चुनौती दी गयी थी। याची का कहना है कि उसे अपील दाखिल करने का समय दिया दिया जाना चाहिए। तब तक कार्यवाही रोकी जाय। कोर्ट ने याची को ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ 10 दिन मे अपील करने तथा उस पर दाखिल अंतरिम अर्जी दो हफ्ते में निर्णीत करने का निर्देश दिया है। अर्जी तय होने या चार हफ्ते जो जल्दी हो, ध्वस्तीकरण कार्यवाही कर रोक लगा दी है और पूरे प्रदेश में ध्वस्तीकरण के खिलाफ कार्रवाई पर सामान्य समादेश जारी कर इस प्रकार के मामले में अमल करने का निर्देश दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/आर.एन/दीपक-hindusthansamachar.in