दोनों पुस्तकें कोरोना आपदा के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का माध्यम : मण्डलायुक्त
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उत्तर-प्रदेश

दोनों पुस्तकें कोरोना आपदा के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का माध्यम : मण्डलायुक्त

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मण्डलायुक्त ने दो पुस्तकों ‘आरोपित एकांत‘ और ‘जान है तो जहान है‘ का किया अनावरण प्रयागराज, 18 अक्टूबर (हि.स.)। मण्डलायुक्त कार्यालय में रविवार को जिला प्रशासन फतेहपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कोरोना काल पर आधारित दो विशिष्ट पुस्तकों ‘आरोपित एकांत‘ और ‘जान है तो जहान है‘ के मुखपृष्ठों का अनावरण करते हुए मण्डलायुक्त आर. रमेश कुमार ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए ये दोनों पुस्तकें कोरोना आपदा के दौरान की कठिन परिस्थितियों एवं लोगों के ऊपर पड़े मनोवैज्ञानिक प्रभावों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने में एक माध्यम के रूप में होगी। उन्होंने कहा कि फतेहपुर जिला प्रशासन का यह प्रयास आमजन और प्रशासनिक सामन्जस्य का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो लोगों को प्रेरणा देने वाला है। इसी तरह के प्रयास अन्य जनपदों में भी होने चाहिए। कहा कि हम कामना करते है कि ये पुस्तकें भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी पहचान बना सके तथा नाम रोशन कर सके। विशिष्ट अतिथि प्रख्यात भाषाविद् और समीक्षक आचार्य पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने कहा कि दोनों पुस्तकों की भूमिका लिखने के दौरान ही उनके द्वारा अध्ययन कर लिया गया था। पुस्तकों की भाषा और बोध गम्यता उत्कृष्ठ व गहरे हैं। इन दोनों पुस्तकों का प्रकाशन नवम्बर माह में सम्भावित है। जिलाधिकारी फतेहपुर संजीव सिंह एवं पुस्तक के संपादक एवं संकलनकर्ता अमित राजपूत ने बताया कि दोनों पुस्तकें वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हुये लॉकडाउन से उपजी विषम परिस्थितियों के बारे में साहित्य सर्जना का एक अनूठा प्रयोग हैं। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि ‘आरोपित एकांत‘ फतेहपुर के नागरिकों द्वारा लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों एवं कुछ अनूठे सकारात्मक पहलुओं के सजीव संस्मरणों का संग्रह है। ‘जान है तो जहान है‘ कोरोना काल की उन कविताओं का विशिष्ट संग्रह है, जिनके सहारे नागरिकों को इस कोरोना महामारी से लड़ने में बल मिल सका। इसमें जनपद फतेहपुर के आम नागरिकों, अध्यापकों, अधिवक्ताओं, सरकारी कर्मचारियों तथा अन्य लोगों द्वारा लिखी गयी रचनाएं सम्मिलित हैं। गद्य संकलन ‘आरोपित एकांत‘ में 34 लोगों की कुल 39 रचनाएं तथा पद्य संकलन ‘जान है तो जहान है’ में 94 लोगों की कुल 117 रचनाएं सम्मिलित हैं। पुस्तकों में जिलाधिकारी फतेहपुर एवं उनकी धर्मपत्नी श्वेता सिंह द्वारा लिखी गयी कविताएं भी सम्मिलित है। जिलाधिकारी फतेहपुर ने कहा कि पुस्तक के प्रकाशन के बाद प्रारम्भ की एक हजार पुस्तकों का जो मूल्य प्राप्त होगा वह मुख्यमंत्री के फण्ड कोष में दिया जायेगा। कार्यक्रम में प्रख्यात मीडिया स्तम्भ रतन दीक्षित, प्रो. अजय जेटली, अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक नायर, कत्थक गुरु राकेश यादव, शास्त्रीय गायक पण्डित वरुण मिश्र समेत तमाम साहित्यकार उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/राजेश-hindusthansamachar.in