देवताओं के इंजीनियर विश्वकर्मा की धूमधाम से मनायी गई जयंती
देवताओं के इंजीनियर विश्वकर्मा की धूमधाम से मनायी गई जयंती
उत्तर-प्रदेश

देवताओं के इंजीनियर विश्वकर्मा की धूमधाम से मनायी गई जयंती

news

-सरस्वती विद्यामंदिर इण्टरकालेज समेत अन्य संस्थानों में भी भगवान विश्वकर्मा की जयंती की मची धूम हमीरपुर, 17 सितम्बर (हि.स.)। जनपद में शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनायी गयी। सरस्वती विद्यामंदिर इण्टरकालेज में आयोजित समारोह में विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता कमल कांत मिश्रा ने कहा कि हमारे जीवन में शिल्पीकारी का बहुत महत्व है। सृष्टि में अविस्मरणीय चीजों का निर्माण भगवान विश्वकर्मा की ही देन है। सरस्वती विद्यामंदिर इण्टरकालेज में भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के आचार्य रमेश शुक्ल ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ब्रम्हा जी के पुत्र थे और उन्हें देवताओं के शिल्पी के रूप में जाना जाता है। चारो युगों के निर्माण में भी इनका विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि यमुपुरी, दिव्य सभा भवन, राक्षस राज्य लंकापुरी व पुष्पक आदि विमान की रचना भी इन्होंने की। इसीलिये इन्हें देवताओं के इंजीनियर के रूप में माना जाता है। जिस प्रकार विश्वकर्मा जी ने निर्माण किया उसी प्रकार से हम सभी को अपने चरित्र का निर्माण करना चाहिये। क्योंकि धर्म का फल सब चाहतेे है लेकिन धर्म कोई नहीं करना चाहता है। इसलिये हम सभी को कुछ अच्छा प्रयास करना चाहिये। मनुष्य का जन्म बार-बार नहीं होता है। इन्हें और अन्य जीवन के बीच एक सर्वश्रेष्ठ कृति है लिहाजा हम मानव के लिये जिये। भगवान विश्वकर्मा सृजन के देवता है। इन्हें भगवान का दर्जा प्राप्त है। इस मौके पर विद्यालय के सभी वाहनों का पूजन किया गया। साज सज्जा ज्ञानेश जड़िया व हेमन्त ने की। कार्यक्रम में प्रमुख आचार्य बलराम सिंह व वेदप्रकाश शुक्ल मौजूद रहे। इधर रोडवेज, भारत संचार निगम, पावरहाउस, नलकूप विभाग, लघु डाल नहर, जलसंस्थान सहित अन्य विभागों में भी विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से कर उन्हें नमन किया गया वहीं सुमेरपुर कस्बे में औद्योगिक नगरी में संचालित फैक्ट्रियों में भी भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनायी गयी। जनपद के मौदहा, राठ, मुस्करा व सरीला सहित अन्य कस्बों में भी सृष्टि के देवता विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनायी गयी। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/राजेश-hindusthansamachar.in