दूसरा दिन : केंद्र सरकार के खिलाफ रेलवे कर्मियों का संघर्ष जारी
दूसरा दिन : केंद्र सरकार के खिलाफ रेलवे कर्मियों का संघर्ष जारी
उत्तर-प्रदेश

दूसरा दिन : केंद्र सरकार के खिलाफ रेलवे कर्मियों का संघर्ष जारी

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कानपुर, 15 सितम्बर (हि.स.)। भारतीय रेलवे के निजीकरण व निजी हाथों के सौंपने के विरोध में आल इंडिया मेन्स रेल फेडरेशन के आह्वान पर नार्थ सेंट्रल रेलवे मेन्स यूनियन ने भारत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसके लिए सभी कर्मचारी एक स्वर में आकर निजीकरण का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन भी आज रेलवे कर्मचारियों ने नार्थ सेंट्रल रेलवे मेन्स यूनियन के कार्यालय में एकत्र होकर अपनी आवाज को बुलंद कर दिया है। वहीं बनवारी लाल चौरसिया(शाखा मंत्री) का कहना है कि भारत सरकार द्वारा रेलवे विभाग का निजीकरण सिर्फ प्राइवेट संस्थाओं का लाभ पहुचना है। जबकि पूरे देश में कोरोना महामारी फैलने से सारे सरकारी विभाग घाटे की ओर बढ़ रहे है। सरकार इनकी तरफ ध्यान न देते हुए सिर्फ सरकारी भवनों, रेलवे व शहरों के नामकरण करने में ही अपनी सफलता के परचम लहरा रही है। जिसके लिए हम सभी रेलवे कर्मचारी रेलवे को किसी भी हाल में रेलवे को निजीकरण नहीं होने देंगे। रेलवे निजीकरण से हम लोगों का रोजगार छीन जाएगा।जिससे हम सब भुखमरी कगार पर खड़े हो जाएंगे। कोरोना वैसे भी रेलवे काफी नुकसान पहुंचाया है और ये रेलवे निजीकरण देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। प्रदर्शनकारियों में बनवारी लाल (शाखा मंत्री), संजय कुमार (शाखा अध्यक्ष), अजय सागर यादव (का.अध्यक्ष), अतुल कुमार गंगवार (कोषाध्यक्ष), के. डी. यादव, ब्रजकिशोर, विजय शंकर, आर.पी.गुप्ता, रमेश यादव, विजय शंकर, रंजीत, मुकेश कुमार, सतीश मिश्रा, रज्जन अली, इंद्रजीत, फैजान खान, रतन कुमार आदि मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/हिमांशु/मोहित-hindusthansamachar.in